गाजीपुर का होगा कायाकल्प, CM Yogi Adityanath ने 268 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath लगातार जिलों में विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे है, ताकि जिलों का कायाकल्प तेजी से हो सके।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है। गौरतलब है कि CM Yogi AdityaNath लगातार जिलों में विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे है, ताकि जिलों का कायाकल्प तेजी से हो रहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास की और अग्रसर है।

इसी बीच आज सीएम योगी ने गाजीपुर के जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानियां, जहूराबाद, गाजीपुर एवं जंगीपुर विधान सभा में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसकी जानकारी खुद उन्होंने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है।

CM Yogi Adityanath ने परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज जनपद गाजीपुर के जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानियां, जहूराबाद, गाजीपुर एवं जंगीपुर विधान सभा क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान करने हेतु ₹692 करोड़ लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास होगा।

इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इन विकास परियोजनाओं से गाजीपुर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जनजीवन अधिक सुगम बनेगा तथा क्षेत्र की प्रगति और समृद्धि को नई गति मिलेगी”।

सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

एक जनसभा को संबोधित करते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “गाज़ीपुर की धरती हमेशा से देशभक्ति की प्रेरणा का केंद्र रही है। गाज़ीपुर ने उस आतंक, लूट-पाट और अराजकता के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई और उसका नेतृत्व किया। और आज की बात करें।चाहे आज़ादी की लड़ाई हो या आज़ाद भारत में सीमाओं की रक्षा गाज़ीपुर हमेशा आगे रहा है।

ये वही लोग हैं जिन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में योगदान दिया और आज़ाद भारत में सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। चाहे 1962, 1965, 1971 की लड़ाइयाँ हों, 1999 का कारगिल संघर्ष हो, या पिछले साल का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ गाज़ीपुर के बहादुर योद्धाओं ने देश की रक्षा के लिए कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।”

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