CM Yogi Adityanath: यूपी में कानून व्यवस्था लगातार दुरुस्त हो रही है। आलम ये है कि मुख्यमंत्री आए दिनों आला अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा करते हैं। इतना ही नहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सूबे से अपराधियों की सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि प्रशासन अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनसे सख्ती से निपटे। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की इस पहल का असर एनसीआरबी की रिपोर्ट में देखने को मिल रहा है जिसके आंकड़े देख मन खुश हो जाएंगे।
अपराधियों का सफाया कर रही CM Yogi Adityanath की सरकार!
आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि यूपी सरकार प्रदेश से अपराधियों का सफाया कर रही है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के… pic.twitter.com/rtrAsb748L
— Government of UP (@UPGovt) May 8, 2026
एनसीआरबी की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसे सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार के आधिकारिक हैंडल से साझा किया गया है। यूपी सरकार के हैंडल से लिखा गया है कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय औसत की तुलना में अपराध दर में 28.5 फीसदी की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।” ये सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई!
देश के अन्य तमाम राज्य यूपी की लॉ एंड ऑर्डर मॉडल को अपना रहे हैं। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार इसको लेकर बेहद सख्त है। बात चाहें महिला सुरक्षा की हो, या जनता के सुरक्षा की। योगी सरकार सख्ती के साथ कानून से खिलवाड़ करने वालों की खबर ले रही है। कहीं अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई हो रही है, तो कहीं पुलिस विभाग उन पर नकेल कसते हुए उन्हें सबक सिखाने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे न जाएं। इसी दिशा में कार्रवाई का दौर जारी है।
