CM Yogi Adityanath: मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश रच रहा है नया कीर्तिमान, लाखों सरकारी कर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण, जानें इसके फायदें

CM Yogi Adityanath सरकार प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्षम, जवाबदेह और आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर लगातार काम कर रही है।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक तंत्र को अधिक सक्षम, जवाबदेह और आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री CM Yogi Adityanath के नेतृत्व में मिशन कर्मयोगी को राज्यभर में गति दी जा रही है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को आधुनिक कार्यशैली, डिजिटल तकनीकों और प्रभावी जनसेवा से जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि बेहतर शासन व्यवस्था तभी संभव है, जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, प्रशिक्षित और समय के अनुरूप कार्य करने में सक्षम हो। इसी सोच के आधार पर मिशन कर्मयोगी को विभिन्न विभागों में लागू कर कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश रच रहा है नया कीर्तिमान

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि सीखने और नवाचार के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना। मिशन कर्मयोगी उत्तर प्रदेश में उन्नत डिजिटल दक्षता, आधुनिक कार्यप्रणालियों और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के माध्यम से बेहतर सेवा वितरण हेतु प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने का कार्य जारी रखे हुए है। मिशन कर्मयोगी ने उत्तर प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया।

54.1 लाख से अधिक कर्मचारियों ने 4 से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे किए। पंजीकृत कर्मचारियों में से 88.16% ने चार से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए। डिजिटल दक्षता और ई-गवर्नेंस कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया। निगरानी प्रणालियों और योजना कार्यान्वयन दक्षता में सुधार हुआ।

कौशल विकास पर दिया जा रहा है जोर

दी जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, उद्योग-केंद्रित नए व्यवसायों और युवाओं के रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए बेहतर अवसरों के माध्यम से कौशल विकास को बढ़ावा दे रहा है। उत्तर प्रदेश सुदृढ़ीकरण, कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र लखनऊ में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार।

10 नए ट्रेड शुरू किए गए: कुल संख्या 20 तक पहुंची। 1300 से अधिक छात्रों को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण मिल रहा है। 1781 नए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण जारी है। रोजगार, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित है।

 

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