CM Yogi Adityanath की अगुवाई में सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ का होगा शुभारंभ, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अंतर्गत 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया जा रहा है।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ का शुभारंभ किया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को गुजरात के सोमनाथ ले जाया जाएगा। यात्रा का शुभारंभ आज यानि 19 अप्रैल से होगा। योगी सरकार प्रदेश के 1008 श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर की यात्रा कराएगी। इन श्रद्धालुओं में इनमें युवा पेशवर, एमबीए विद्यार्थी, स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, एमएसएमई और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी प्रमुख रूप से शामिल किया जा रहा है।

इसकी जानकारी खुद यूपी सरकार ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है। जानकारी के मुताबिक
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  जी के सशक्त नेतृत्व में देश और प्रदेश में हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य निरंतर प्रगतिशील है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

CM Yogi Adityanath की अगुवाई में यात्रा का होगा शुभारंभ

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि भारतीय आत्मगौरव का शाश्वत विजय घोष, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
जी के मार्गदर्शन एवं CM Yogi Adityanath जी के सशक्त नेतृत्व में देश और प्रदेश में हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य निरंतर प्रगतिशील है।

यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक भी है। जब समाज अपनी जड़ों से जुड़ता है, तभी वह सशक्त, समतामूलक और प्रगतिशील भविष्य की ओर अग्रसर होता है। इसी भावना के साथ ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ का शुभारंभ किया जा रहा है।

यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी

यह यात्रा हजार वर्षों की उस अदम्य आस्था और आत्मबल का प्रतीक है, जिसने हर चुनौती के बावजूद अपनी पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखा। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। यह यात्रा न केवल आस्था का उत्सव है, बल्कि यह उस अटूट विश्वास का प्रतीक है जो भारत की सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखता है। इससे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपने गौरवशाली इतिहास को समझने की प्रेरणा मिलेगी। 21 अप्रैल को ये यात्रा सोमनाथ गुजरात पहुचेगी। इसके बाद 22-23 को कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 24 को लखनऊ की वापसी होगी।

 

 

 

Exit mobile version