CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के लिए यूपी सरकार हर वर्ग को अपने मिशन में शामिल कर रही है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बहन-बेटियां सुरक्षित, सशक्त और स्वावलंबी बनकर ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा में सहभागी बन रही हैं। यूपी की बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार मातृशक्ति का सशक्तीकरण कर रही है। इसी क्रम में यूपी सीएम लगातार बड़े-बड़े कदम उठा रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की मातृशक्ति अब नए आत्मविश्वास के साथ डिजिटल इकोनॉमी और सोशल गवर्नेंस की दिशा तय कर रही हैं। डबल इंजन की सरकार सुरक्षित और सशक्त यूपी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की हिस्सेदारी
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘आज उत्तर प्रदेश की बेटियां केवल घर का आंगन ही नहीं, बल्कि प्रगति का आकाश भी रोशन कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में मातृशक्ति का सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार का दृढ़ संकल्प है।’ वहीं, बीते दिन सीएम योगी ने प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। यूपी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें रात की शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति प्रदान की। ऐसे में अब महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट के तहत कार्य कर सकेंगी। यूपी सरकार ने बताया कि राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी 13 फीसदी से बढ़कर 36 प्रतिशत पहुंच गई है।
आज उत्तर प्रदेश की बेटियां केवल घर का आंगन ही नहीं, बल्कि प्रगति का आकाश भी रोशन कर रही हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में मातृशक्ति का सशक्तीकरण डबल इंजन सरकार का दृढ़ संकल्प है। pic.twitter.com/Avq2fquFfp
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 11, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ‘नारी शक्ति’ के जरिए महिलाओं को बना रहे सशक्त और स्वाभिमान
वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में नया उत्तर प्रदेश ‘नारी शक्ति’ के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण का उज्ज्वल प्रतिमान बन गया है। गांव से शहर तक महिलाएं अब सिर्फ सहभागी नहीं, बल्कि विकास की वास्तविक धुरी बनकर आगे बढ़ रही हैं।’
बीजेपी सरकार ने प्रदेश की ‘नारी शक्ति’ को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया। यूपी सरकार ने कृषि आजीविका संवर्धन गतिविधियों में 64.34 लाख महिला किसान परिवार अंगीकृत किए। महिला स्वयं सहायता समूहों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत 2682 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन हुआ। साथ ही 60000 समूह की महिलाओं के माध्यम से ड्राई राशन का वितरण किया गया।
