होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित करेगी CM Yogi Adityanath की सरकार! आयुष शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

CM Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के 17 आयुष एवं होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित करेगी। इससे आयुष शिक्षा को नई तकनीकी दिशा मिलने के आसार हैं।

CM Yogi Adityanath

Picture Credit: गूगल (सीएम योगी आदित्यनाथ - सांकेतिक तस्वीर)

CM Yogi Adityanath: स्वास्थ्य जगत की तस्वीर बदलने की दिशा में तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। हर जनपद में मेडिकल कॉलेज की सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता में है। यहां बात यूपी के संदर्भ में हो रही है जहां सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है। अपनी प्राथमिकता को धरातल पर लागू करते हुए योगी सरकार लगातार मेडिकल सेवाओं का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में अब 17 आयुष एवं होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाने का ऐलान हुआ है। इससे आयुष शिक्षा को मिलेगी नई तकनीकी दिशा मिलेगी।

मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित करेगी CM Yogi Adityanath की सरकार!

यूपी के अलग-अलग हिस्सों में स्थित 17 आयुष एवं होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्थाओं को और दुरुस्त किया जाएगा।

इस क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार इन सभी मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित करेगी। इसकी मदद से मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को आसानी होगी। सरकार की पहल से जहां एक ओर आयुष शिक्षा को नई तकनीकी दिशा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जानकारी हासिल करने का माध्यम मजबूत होगा। नए विकसित होने वाले स्मार्ट क्लासरूम में ट्रेनी मेडिकल छात्र आधुनिक शिक्षा हासिल कर सकते हैं। इस पहल से शिक्षण सुविधाएं भी उन्नत होंगी जिसका असर पठन-पाठन की प्रक्रिया पर पड़ेगा।

आयुष शिक्षा को मिलेगी नई तकनीकी दिशा

सरकार की इस पहल से आयुष शिक्षा को नई तकनीकी दिशा मिलने के आसार हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण हासिल कर रहे छात्र स्मार्ट क्लासरूम की मदद से आधुनिक शिक्षा हासिल कर सकते हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी इस माध्यम को और आसान बनाएगी। सरकार की कोशिश है कि आयुष एवं होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो। मेडिकल कॉलेजों को आधुनिकता से लैस किया जाए। इसी क्रम में 51 नए स्मार्ट क्लासरूम को बनाने की मंजूरी मिली है। इससे आयुष शिक्षा को नई तकनीकी दिशा मिलने के आसार भी हैं।

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