CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। गौरतलब है कि CM Yogi Adityanath की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास की और अग्रसर है।
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक हर क्षेत्र में जबरदस्त कार्य देखने को मिल रहा है। वहीं इससे जुड़ी जानकारी खुद मुख्यमंत्री जी ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 को लेकर दी जानकारी
गौरतलब है कि CM Yogi Adityanath ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज लखनऊ से अयोध्या जी तक समृद्धि, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के संकल्प को नई गति मिलेगी। लखनऊ में दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्रोद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ होगा। ‘यूपी टेक्स मित्रा’ पोर्टल सहित बुनकरों के कल्याण, कौशल विकास, निवेश और उद्यम को प्रोत्साहित करने वाली योजनाएं प्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा को आधुनिक सामर्थ्य से जोड़ेंगी।
आज लखनऊ से अयोध्या जी तक समृद्धि, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के संकल्प को नई गति मिलेगी।
लखनऊ में दो दिवसीय ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्रोद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ होगा।
‘यूपी टेक्स…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 8, 2026
वहीं, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं को सम्मानित करने के साथ नव-नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। श्रम से समृद्धि और सेवा से सशक्तीकरण की यह यात्रा ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के निर्माण को नई ऊर्जा प्रदान करेगी”।
CM Yogi Adityanath ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
दो दिन चलने वाले ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ को संबोधित करते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “पहले भारत में बनने वाले टेक्सटाइल, खासकर उत्तर प्रदेश में बनने वाले कपड़ों की दुनिया भर के बाज़ारों और रोम व ग्रीस जैसी संस्कृतियों में बहुत मांग थी।
चाहे वाराणसी की सिल्क साड़ियाँ हों, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, कानपुर का टेक्सटाइल, लेदर और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम हो, या फिर मेरठ में स्पोर्ट्स गुड्स के साथ-साथ टेक्निकल टेक्सटाइल की संभावनाएं हों – ये सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के क्लस्टर ही नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल की विरासत और राज्य की औद्योगिक क्षमता के अलग-अलग पहलू हैं।”
