CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगी 1200 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, इन प्रमुख पर्यटन स्थलों को हो लाभ; जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश लगातार विकास की अग्रसर है। हर रोज लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने के लिए यूपी पहुंच रहे है।

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश लगातार विकास की अग्रसर है। हर रोज लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने के लिए यूपी पहुंच रहे है। जिसके देखते हुए प्रशासन की तरफ से प्रमुख सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों को 1200 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। मालूम हो कि अभी कई शहरों में डीजल बसों का संचालन जारी है, जिसकी वजह से कॉर्बन उत्सर्जन में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे प्रदूषण का भी स्तर बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते कई शहरों में इन बसों का संचालन होगा। राज्य सरकार ने सोमवार को 1,225 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और शहरी परिवहन प्रणालियों के लिए कार्बन क्रेडिट मुद्रीकरण परियोजना शुरू करने को मंजूरी दी।

उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगी 1200 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश समर्पित शहरी परिवहन निधि नियम, 2013 के तहत गठित निधि प्रबंधन समिति की 16वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इन उपायों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण करना, उत्सर्जन को कम करना और राज्य भर में शहरी परिवहन निकायों के लिए किराया-रहित राजस्व के नए स्रोत सृजित करना है।

समिति ने उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और गतिशीलता नीति-2022 के तहत 16 नगर निगमों में 272 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के विकास को भी मंजूरी दी। गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास कर रहा है। वहीं अब पर्यटन को लेकर भी लगातार सुधार किया जा रहा है, क्योंकि बीते एक साल में यूपी में पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो अपने आप में एक गेमचेंजर है।

वाराणसी समेत कई जगहों पर बढ़ेगी इलेक्ट्रिक बसों की सेवा

गौरतलब है कि वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज समेत कई तीर्थ स्थलों पर प्रतिदिन लाखों की संख्या में लोग आते है। जिसके कारण कभी-कभी जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते है अब सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार और  अधिक ई-बसें चलाने पर विचार कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इससे जाम की समस्या में कमी आएगी, इसके अलावा अन्य राज्यों से आए पर्यटकों को भी अधिक खर्च नहीं करना होगा।

बैछक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगरीय परिवहन निदेशालयके अंतर्गत प्रदेश के 15 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक हसों के लिए कॉर्बन क्रैडिट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट के चयन हेतु निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

 

Exit mobile version