Lucknow Fire Incident: लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग के कारण 15 लोगों की जान चली गई थी। बता दें कि शुरूआती जांच में कई प्रकार की कमियां पाई गई थी। इसके अलावा कई बार बिल्डिंग के मालिक बदले थे। साथ ही कॉम्पलेक्स के अंदर गेमिंग जोन, कोचिंग सेंटर सुचारू रूप से बिना अनुमति के चल रहा था।
वहीं अब इस मामले में यूपी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ की घटना के बाद नोएडा, गाजियाबाद में 60 कोचिंग संस्थाओं को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके साथ कई जिलों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से कमेटी गठित करने का निर्देश दे दिया गया है।
Lucknow Fire Incident के बाद एक्शन में दिखी यूपी सरकार
जानकारी के मुताबिक Lucknow Fire Incident के बाद से ही यूपी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक आग की घटना के बाद नोएडा और गाजियाबाद के 60 कोचिंग सेटरों को सील कर दिया है। जिसमे कई प्रकार की गड़बड़िया पाई गई थी। इसके अलावा अयोध्या के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) का कहना है कि
“लखनऊ में आग लगने की घटना के बाद हमने एक एक्शन प्लान तैयार किया है। इसी के तहत, हमने अपने जिले में रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थानों के लिए दो टीमें बनाई हैं। अगर हमें कोई छोटी-मोटी कमियां मिलती हैं, तो हम उन्हें तुरंत ठीक करने के लिए कह रहे हैं। अगर कोई बड़ी कमी पाई जाती है, तो हम कार्रवाई करेंगे।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुई आग की घटना की विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि “लखनऊ की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना राज्य के लिए एक बड़ा सबक है, आग से सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर जिले में विशेष टीमें बनाकर आग से सुरक्षा के व्यापक ऑडिट का अभियान चलाया जाना चाहिए।
यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुई आग की घटना की विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना राज्य के लिए एक बड़ा सबक है, आग से सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं…
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 23, 2026
पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। इमारतों का इस्तेमाल केवल उन्हीं कामों के लिए किया जाना चाहिए जिनकी अनुमति है, बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम चलाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए”।
