CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश को सुशासन, रोजगार और बुनिादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही यूपी को निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में भी बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा, प्रदेश की डबल इंजन की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी बीते 9 वर्षों में कई साहसिक कार्य किए हैं। यूपी सरकार ने ‘सशक्त नारी, सुरक्षित उत्तर प्रदेश’ मिशन के तहत प्रदेश की महिलाओं को कई बड़ी सौगात दी हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व महिलाएं हो रही हैं सशक्त
यूपी सरकार ‘सशक्त नारी, समृद्ध समाज के जरिए हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने का कार्य कर रही है। इसी कड़ी सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के सभी कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया जा रहा है। ऐसे में महिलाएं पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और नाइट शिफ्ट में भी भागीदारी देने की दिशा में काम किया है। यही यूपी प्रदेश की नई पहचान है।
यूपी में सुरक्षित कार्यस्थलों के जरिए असीमित अवसर पैदा किए जा रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक महिलाओं को काम करने की अनुमति दी गई है। कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल सुनिश्चित किया जा रहा है। बिना किसी डर और संकोच के नाइट शिफ्ट में काम करने की विशेष सुविधा कामकाजी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
सुरक्षित कार्यस्थल और विस्तारित अवसरों के साथ उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं, नाइट शिफ्ट तक बढ़ी भागीदारी से विकास को नई गति मिल रही है। pic.twitter.com/9kZvYuxY27
— MissionShakti (@missionshaktiup) April 15, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कामकाजी महिलाओं के लिए उठाए ये कदम
वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला श्रमजीवी हॉस्टल कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास की मजबूत पहल, जो उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का भरोसा देती है। यूपी सरकार की इस पहल को राज्य के कई शहरों में शुरू किया गया है, इसमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, मेरठ, झांसी, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद और नोएडा क्षेत्रों का नाम शामिल है।
इन महिला श्रमजीवी हॉस्टल में 1500 से लेकर 5000 रुपये तक महीने का किराया है, जोकि पूरी तरह से शहर और सुविधाओं पर निर्भर है। इनमें महिलाओं को कई तरह की सुविधाएं मिलती है। सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी, शेयर्ड और सिंगल रूम, खाना-पानी, बिजली समेत कई अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं। यूपी सरकार के मुताबिक, पिछले 9 सालों के दौरान महिलाओं की श्रम भागीदारी 9 से बढ़कर 13 फीसदी हो गई है।
