CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार साहसिक कार्य किए जा रहे हैं। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली डबल इंजन की सरकार मिशन शक्ति के जरिए राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन शक्ति के तहत उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को नई दिशा मिल रही है। पीएसी महिला बटालियन से लेकर वन-स्टॉप सेंटर तक, हर स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की ओर मजबूत कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा के लिए उठाए ये कदम
यूपी सरकार ने वन-स्टॉप सेंटरों को प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया है। इससे महिलाओं को मेडिकल सहायता, एफआईआर में सहयोग और 112 108, 102 जैसी इमरजेंसी सेवाओं से समन्वय, पीड़िताओं के लिए 5 दिन तक सुरक्षित आवास मिलता है। साथ ही 2.39 लाख से अधिक महिलाओं को काउंसलिंग और कानूनी मदद का लाभ मिल चुका है।
वहीं, यूपी में पीएसी महिला बटालियन का पहली बार निर्माण किया गया है। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी बटालियन, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई बटालियन और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी बटालियन का गठन हुआ है। राज्य सरकार ने पीएसी की 34 कंपनियों को किया पुनर्जीवित किया है। सरकार के इस कदम से महिलाओं को सुरक्षा मिल सकेगी।
मिशन शक्ति के तहत उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को नई दिशा मिल रही है।
पीएसी महिला बटालियन से लेकर वन-स्टॉप सेंटर तक, हर स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है—एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की ओर मजबूत कदम। pic.twitter.com/GFb2RNiJOz
— MissionShakti (@missionshaktiup) April 14, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति को ऐसे दी गति
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और जागरूकता के लिए काफी जरूरी है। यूपी सरकार इस मिशन के जरिए महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकना, उन्हें कानूनी और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना, आत्मनिर्भर बनाना (रोजगार, स्किल, फाइनेंस) और समाज में लिंग समानता को बढ़ाना मुख्य मकसद हैं।
यूपी में इस मिशन को बड़े आंदोलन के तौर पर लागू किया गया है। यूपी सरकार स्कूल-कॉलेज में जागरूकता अभियान चला रही है। गांव-शहर में रैलियां, कैंप लगा रही है। महिला पुलिस की तैनाती और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है।यह धीरे-धीरे एक ‘जन आंदोलन’ बन गया है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए 18 करोड़ से ज्यादा बजट महिला-केंद्रित पुलिसिंग पर खर्च किया है।
