Ghaziabad Sisters Suicide : दिल्ली से सटा गाजियाबाद तीन सगी नाबालिग बहनों की आत्महत्या के कारण चर्चा में है। यहां के लोनी इलाके की बनी भारत सिटी सोसाइटी में 4 फरवरी 2026 की आधी रात को तीन लड़कियों ने 9वीं मंजिल के कूदकर जान दे दी थी। मृतक बच्चियों के नाम निशिका, प्राची और पाखी है। सुसाइड के दौरान पूरा परिवार घर पर था। शुरुआती दौर में ये कोरियन गेम से जुड़ा हुआ मामला बताया जा रहा था, लेकिन अब पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है।
Ghaziabad Sisters Suicide केस में पुलिस की जांच में अब तक क्या-क्या हुआ?
यूपी पुलिस ने अपनी जांच में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि, तीनों बहनों के पास कुछ समय तक दो मोबाइल हुआ करते थे। माता-पिता ने फोन की लत को देखते हुए उन्हें हालहि में बेच दिया था। जिसके बाद मृतक बच्चियां अपने परिजनों का फोन यूज कर रही थीं। पुलिस इन मोबाइल्स के डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। परिजन बच्चियों की मौत का जिम्मेदार कोरियन गेम और कोरियन ड्रामे की तरफ बच्चियों की लत बता रहे हैं। पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें तीनों बच्चियों ने अपनी मानसिक स्थिति को बयां किया है। मृतक बच्चियों ने सुसाइड नोट में लिखा है कि, मार खाने से अच्छा है कि, हम आत्महत्या कर लें। फिलहाल मौत का कारण पोस्टमार्टम में मारपीट नहीं बल्कि सिर पर गहरी चोट के कारण खून का अधिक बहना आया है।
गाजियाबाद सुसाइड केस पर डीसीपी निमिश पाटिल का बयान
तीनों बहनों के सुसाइड मामले पर हिंडन जोन के पुलिस अधिकारी डीसीपी निमिश पाटिल का बयान भी सामने आया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि, “अभी तक की जांच के अनुसार, इस घटना में टास्क-बेस्ड गेम्स की कोई संलिप्तता नहीं है… पिता के दावों की पुष्टि की जाएगी और उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी। परिवार के सहयोग करने की स्थिति में आने पर हम इन दावों के समर्थन में सबूत भी जुटाएंगे” आपको बता दें, परिजन लगातार बच्चों की मौत कार कारण उनका हद से ज्यादा कोरियन गेम और सीरीज के प्रति झुकाव को मान रहे हैं। तीनों बच्चियां कोरिया जाना चाहती थीं। इतना ही नहीं उन्हें डर था कि, कहीं उनकी शादी किसी गैर-कोरियन से परिजन ना करा दें। इस तरह के तमाम खुलासे परिवार कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से नाबालिग बच्चियों की मौत की जांच कर रही है। हादसे के दौरान परिवार में 9 लोग मौजूद थे। बच्चियों के पिता ने दो सगी बहनों से शादी की हुई है। जिनसे 5 बच्चे हैं। घर में उनकी एक अन्य साली भी रहती हैं। बच्चियों की मौत के बाद घर में एक बेटा और बेटी बचे हैं।
बच्चों से ऑन लाइन गेम की लत कैसे छुड़ाएं?
गाजियाबाद में शुरुआती दौर में तीनों बहनों की मौत का कारण हद से ज्यादा गेम के प्रति उनका रुझान माना जा रहा है। जिसके कारण अब अन्य माता-पिता को भी डर सताने लगा है। क्योंकि पिछले कुछ समय से बच्चों में मोबाइल और इसमें चलने वाले गेम्स के प्रति बढ़ती हुई जिद का सामना वो कर रहे हैं। इसीलिए हम आपको बच्चों की इस लत से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है। इसके बारे में बताएंगे।
1-बच्चों की ऑन लाइन एक्टिविटी पर ध्यान
सभी माता-पिता को अपने बच्चों की ऑन लाइन एक्टिविटी पर नजर रखनी चाहिए। अगर हद से ज्यादा बच्चे की दिलचस्पी गेम्स की तरफ बढ़ रही है तो उसे समझाएं और आउट डोर गेम्स की तरफ उनका रुझान बढ़ाएं।
2-क्रिएटिविटी को संवारे
बच्चों के फ्री टाइम में उनकी क्रिएटिविटी को संवारने का काम किया जा सकता है। बच्चों को पेंटिंग, स्विमिंग, म्यूजिक या फिर अन्य भाषा को सिखाना चाहिए ताकि वो फोन से दूर रहें।
3-इनडोर गेम्स खिलाएं
अगर बच्चों को बाहर ले जा पाना संभव नहीं हो पा रहा है तो उन्हें शतरंज और कैरम के साथ लूडो जैसे कई गेम्स में घर में ही खिला सकते हैं।
4-घर का माहौल सुधारें
परिवार के माहौल का बच्चों पर काफी फर्क पड़ता है। इसीलिए खुद भी फोन और स्क्रीन से दूर रहें और बच्चों को भी रखें। क्योंकि जो बच्चा देखता है वो ही करता है।
5-आउटडोरक गेम्स खिलाएं
बच्चों के फ्री टाइम में आप उन्हें.बैडमिंटन, फुटबॉल और क्रिकेट जैसे आउटडोर गेम्स खिला सकते हैं। इससे उनकी शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्थिति मजबूत होंगी।
