‘ये लोग भी रावण ही..’ Ram Mandir Chanda Chori मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के बयान से हड़कंप, जानें सबकुछ

Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या में लगातार सियासी पारा सातवे आसमान पर है। विपक्ष लगातार राज्य और केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आ रही है।

Ram Mandir Chanda Chori

फाइल फोटो

Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या में लगातार सियासी पारा सातवे आसमान पर है। विपक्ष लगातार राज्य और केंद्र सरकार पर हमलावर नजर आ रही है। वहीं अब धीरे-धीरे इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बता दें कि कथित Ram Mandir Chanda Chori  मामले में लगातार नए-नए खुलासे हुए है। इसी बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

और इसमे मामले में जुड़े लोगों को रावण बता दिया है। मालूम हो कि यूपी सरकार की तरफ से इस मामले को लेकर एक एसआईटी का गठन किया गया था। इसके बाद कमेटी द्वारा रिपोर्ट पेश की गई थी। रिपोर्ट पेश करने के बाद कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी, और अभी तक 8 लोगों को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया था।

Ram Mandir Chanda Chori में धीरेंद्र शास्त्री का फूटा गुस्सा

राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बागेश्वर धाम ने इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ये लोग भी रावण ही हैं, बस इनका रूप बदल गया है। रावण ने तो सिर्फ़ माता जानकी का अपहरण किया था, लेकिन राम मंदिर चंदा मामले में लाखों भक्तों की आस्था और करोड़ों लोगों का भरोसा चुराया गया है। हमें पता चला है कि FIR दर्ज हो गई है।

आगे जांच होगी और और भी लोग पकड़े जाएंगे—यह तय है। हम इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहेंगे। कोई इसे अच्छा माने या बुरा, सच तो सच ही रहता है। रावण ने माता जानकी का अपहरण किया था और नतीजा यह हुआ कि उसका पूरा परिवार नष्ट हो गया। जो कोई भी राम मंदिर में भगवान राम के लिए दिए गए चंदे को चुराएगा, उसे निश्चित रूप से कानूनी सज़ा मिलेगी और उसे भगवान की कड़ी सज़ा भी भुगतनी पड़ेगी। यह तय है। इससे कोई बच नहीं सकता”।

एसआईटी ने बरामद की बड़ी रकम

जांच एजेंसियों ने आरोपियों से लाखों रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया। कुछ रिपोर्टों में लगभग 80 लाख रूपये की बरामदगी का उल्लेख किया गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके अलावा एसआईटी की तरफ से लगातार जांच जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते है। वहीं विपक्ष की तरफ से लगातार सवाल खड़े किए जा रहे है।

 

 

 

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