CM Yogi Adityanath: मकर संक्रांति पर्व मनाने गोरखपुर दौरे पर आए सीएम योगी ने आज एक विशेष खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आह्वान किया है कि वे कम से कम एक खेल को गोद लेकर खिलाड़ियों को तराशने का काम करें। गोरखपुर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता-2025-26 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के समक्ष कई अन्य बातें भी कही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 2036 का ओलंपिक भी भारत में हो इसकी तैयारी करनी चाहिए।
बास्केटबॉल प्रतियोगिता शुभारंभ कार्यक्रम में CM Yogi Adityanath की शिरकत
मुख्यमंत्री ने आज गोरखपुर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता-2025-26 के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। इससे जुड़ी तस्वीर सीएम योगी आदित्यनाथ के एक्स हैंडल से जारी की गई है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी लिखते हैं कि “शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन धरा गोरखपुर में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अन्तर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता-2025-26 के शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर खेल विवरणिका का विमोचन भी किया। हमारा युवा यदि खेलकूद की गतिविधियों में आगे बढ़ेगा तो नशे से दूर रहेगा, तमाम विकृतियों से बचा रहेगा। जो खेलेगा, वही खिलेगा, तभी देश आगे बढ़ेगा और ‘विकसित भारत-2047’ का लक्ष्य हम प्राप्त कर सकेंगे।”
खिलाड़ियों के समक्ष सीएम योगी का संबोधन
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खिलाड़ियों के समक्ष संबोधन भी किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से इस बात का आह्वान करूंगा, कम से कम एक खेल को गोद लेकर अच्छे खिलाड़ियों को तराशने का काम करें।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “पीएम मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2036 का ओलंपिक भी भारत में हो। इसमें भारत अधिकाधिक मेडल प्राप्त करे, इसकी तैयारी हम सबको करनी चाहिए।”
खेल के प्रति यूपी सरकार के लगाव को प्रदर्शित हुए योगी आदित्यनाथ ने बताया कि “अब तक हमने उत्तर प्रदेश के अंदर 500 से अधिक खिलाड़ियों को, अलग-अलग विभागों में सीधे नौकरी दी है।” सीएम योगी का ये सब कहना साफ तौर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करता है कि वे क्रीडा जगत में अच्छा प्रदर्शन कर अपना भविष्य उज्जवल कर सकते हैं।






