VBG-RAM G Scheme: विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन एक्ट 2025′ पूरे ग्रामीण भारत में 1 जुलाई, 2026 से लागू हो गया है। बता दें कि यह ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। यह स्कीम ग्रामीण रोज़गार, आजीविका सुरक्षा और गांवों के टिकाऊ विकास के लिए एक मज़बूत ढांचा तैयार करेगा।
सबसे खास बात है कि कानूनी तौर पर ये पात्र ग्रामीण परिवार के लिए कानूनी तौर पर रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यानि 365 दिन में से दिहाड़ी मजदूरों को 125 दिन काम मिलेगी ही। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी। सबसे खास बात है कि देशभर में औसत दिहाड़ी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी अहम जानकारी
कृषि और किसान कल्याण मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज का दिन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देशभर में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू हो गया है।यह केवल एक अधिनियम नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण श्रमिक भाई-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षित आजीविका का नया अध्याय है।
अब ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल गांवों में आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण तेज करेगी, मातृशक्ति को सशक्त बनाएगी और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण को नई गति देगी। आइए, समृद्ध, सशक्त तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहभागी बनें”।
जान लें ये महत्वपूर्ण नियम
सरकार की तरफ से लागू इस स्कीम के कुछ नियम भी है। जिसमे –
- केवल ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवार ही योजना का लाभ उठा सकेंगे।
- परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से अकुशल श्रम कार्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- रोजगार की मांग करने पर निर्धारित समय के भीतर काम उपलब्ध कराया जाएगा।
- समय पर काम नहीं मिलने पर नियमों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।
- मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक या डाकघर खाते में DBT के माध्यम से किया जाएगा।
- मजदूरी का भुगतान सामान्यतः साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है।
माना जा रहा है कि इससे लाखों दिहाड़ी मजदूरों को फायदा पहुंचेगा।






