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Chaiti Chhath Puja 2023: इस शुभ योग में डूबते हुए सूर्य को दें अर्घ्य, जानें छठ महापर्व क्यों है खास

चैती छठ का आज तीसरा दिन है और आज सभी लोग डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे। आज के दिन शाम में पानी में खड़े होकर सूर्य देव की पूजा अर्चना की जाती है।

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By: Sriya Sri

Published: मार्च 27, 2023 2:24 अपराह्न

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Chaiti Chhath Puja 2023: चैती छठ पूजा का आज तीसरा दिन है। आज के दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सभी लोग इस महापर्व की तैयारी में लगे हुए हैं। बता दें, छठ महापर्व का विशेष महत्व है। हर वर्ष दो बार छठ महापर्व आता है, जिसमें चैती छठ और कार्तिक मास का छठ शामिल है। सभी श्रद्धालु इस महापर्व का इंतजार बेसब्री से करते हैं। बता दें, ये व्रत संतान की लंबी आयु और बेहतर भविष्य के लिए किया जाता है।

बता दें, ये लोक आस्था का महापर्व है। इस महापर्व को यूपी, बिहार के लोग बेहद श्रद्धा से मनाते हैं। सभी के लिए ये पर्व बेहद खास है। इसमें व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं और छठ महापर्व को भक्तिभाव के साथ सेलिब्रेट करती हैं। बता दें, आज के दिन छठ महापर्व का तीसरा दिन है। आज डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन कई सारे शुभ योग भी बन रहे हैं। इस शुभ योग में अर्घ्य देने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

इस शुभ योग में दें भगवान सूर्य को अर्घ्य

आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। वहीं आज के दिन कई सारे शुभ योग बन रहे हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस योग में पूजा अर्चना करने से और भगवान को अर्घ्य देने से भक्तों के जीवन में आ रही तमाम परेशानियों का अंत होता है।

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हिंदी पंचांग के अनुसार, इस दिन सौभाग्य योग और रवि योग की शुरुआत सुबह 6 बजकर 18 मिनट से हो गई है, जिसका समापन दोपहर 03 बजकर 27 पर मिनट पर होगा। वहीं सावर्थ सिद्धि योग की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 27 मिनट से होगी, जिसका समापन अगले सुबह 6 बजकर 18 मिनट पर होगा। इस शुभ योग में आप अर्घ्य दें। कहते हैं, इस योग में अर्घ्य देने से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती है।

छठ के तीसरे से डूबते हुए सूर्य देव की होती है पूजा

छठ महापर्व के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य देव की पूजा अर्चना होती है। इस दिन सभी भक्तजन पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। वहीं छठ महापर्व के अंतिम दिन उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इसी के साथ छठ महापर्व का समापन होता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। DNP News Network/Website/Writer इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसे केवल सामान्य अभिरूचि में ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। किसी भी प्रकार का उपाय करने से पहले ज्योतिष से परामर्श जरूर लें।
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Sriya Sri

मेरा नाम श्रीया श्री है। मैं पत्रकारिता अंतिम वर्ष की छात्रा हूं। मुझे लिखना बेहद पसंद है। फिलहाल मैं डीएनपी न्यूज नेटवर्क में कंटेंट राइटर हूं। मुझे स्वास्थ्य से जुड़ी कई चीजों के बारे में पता है और इसलिए मैं हेल्थ पर आर्टिकल्स लिखती हूं। इसके अलावा मैं धर्म, लाइफस्टाइल, एस्ट्रोलॉजी और एजुकेशन के विषय में भी आर्टिकल लिखती हूं।
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