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Diwali 2023: नरक चतुर्दशी की पूजन विधि और सही शुभ मुहूर्त, सुख-समृद्धि के लिए इस दिन जरूर करें ये खास काम

Diwali 2023: छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी काली चौदस या फिर हनुमान पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग छोटी दिवाली मनाते हैं और घर के बाहर यम का दीपक जलाया जाता है। ऐसे में छोटी दीपावली के लिए शुभ मुहूर्त कब है और किस मुहूर्त में यह दीपक जलाने पर फायदा होगा। आईए जानते हैं।

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By: Anjali Wala

Published: नवम्बर 11, 2023 7:00 पूर्वाह्न

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Diwali 2023: हिंदू धर्म में दिवाली एक मुख्य त्यौहार है और इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। भाई दूज तक चलने वाली इस त्यौहार के दूसरे दिन छोटी दीपावली मनाई जाती है। इस दिन को लेकर शुभ मुहूर्त काफी मायने रखती है। छोटी दिवाली 11 नवंबर यानी आज है और ऐसे में हनुमान पूजन मुहूर्त समेत सभी जरूरी बातें जान लेनी बेहद जरूरी है। छोटी दिवाली को काली चौदस, नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है की खुशी और रोशनी के इस त्यौहार में छोटी दिवाली का काफी महत्व है और इसे लोग हनुमान जयंती के तौर पर भी मनाते हैं।

छोटी दिवाली पर शुभ मुहूर्त करें नोट

अगर छोटी दिवाली पर शुभ मुहूर्त की बात करें तो चतुर्दशी तिथि दोपहर 1:57 पर शुरू होगी वहीं 12 नवंबर 2023 को दोपहर 2:44 तक रहेगी। अगर इस दौरान काली चौदस मुहूर्त की बात करें तो यह 11 नवंबर को रात 11:38 से 12 नवंबर को सुबह 12:31 तक रहेगा। यह नरक चतुर्दशी तिथि के लिए शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है। बुरी आत्माओं से खुद को सुरक्षित रखने और शक्ति बल्कि प्राप्ति के लिए इस दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है।

इस मुहूर्त में जलाएं यम दीप

अगर ज्योतिषाचार्य की माने तो छोटी दीपावली के दिन घर के बाहर एक जगह दक्षिण दिशा में दीप जलाया जाता है। इस दीप का बहुत महत्व है और कहा जाता है कि यह मृत्यु के देवता यमराज के लिए होता है। ऐसे में अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस दिए को जलाते समय घर के दूसरे सदस्य बाहर न निकले। यह दीपक जलाने के लिए शाम को 5:32 तक शुभ मुहूर्त है क्योंकि इसके बाद सूर्यास्त होगा।

करें भगवान कृष्ण की पूजा

इतना ही नहीं छोटी दीपावली के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। वहीं यह भी मान्यता है कि इससे आपकी खूबसूरती बढ़ती है। इतना ही नहीं इस दिन यम पूजा का भी काफी महत्व माना जाता है और कहा जाता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है।

यह है पूजन विधि

ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा में मुंह करके पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके लिए आप एक चौकी पर पांच देवों श्री गणेश, दुर्गा, शिव, विष्णु और सूर्य देव को स्थापित करें। पहले गंगाजल से स्नान कर कर रोली और चंदन लगाकर तिलक करें। भगवान को धूप, दीप और फूल चढ़ाकर मंत्रों का जाप करना बिल्कुल भी ना भूले। आप अपने मन मुताबिक जैनऊ के अलावा वस्त्र और प्रसाद अर्पित कर सकते हैं। पूजा के अंत में आरती करना ना भूलें।

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Anjali Wala

अंजलि वाला पिछले कुछ सालों से पत्रकारिता में हैं। साल 2019 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा। फिलहाल, अंजलि DNP India वेब साइट में बतौर Sub Editor काम कर रही हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में मास्टर्स किया है।
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