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Pausha Putrada Ekadashi 2024: संतान प्राप्ति के लिए फलदायी है इस एकादशी का व्रत, जानें पूजन विधि

Pausha Putrada Ekadashi 2024: हिंदू धर्म ग्रंथ के अनुसार आज 21 जनवरी 2024 को देश में पौष पुत्रदा एकादशी मनाया जा रहा है। इस खास एकादशी के दिन विशेष तौर पर महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं तो वहीं सुख-संपदा के लिए भी इस दौरान पूजन-पाठ का आयोजन किया जाता है।

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By: Gaurav Dixit

Published: जनवरी 21, 2024 10:49 पूर्वाह्न

Pausha Putrada Ekadashi 2024
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Pausha Putrada Ekadashi 2024: हिंदू धर्म ग्रंथ के अनुसार आज 21 जनवरी 2024 को देश में पौष पुत्रदा एकादशी मनाया जा रहा है। इस खास एकादशी के दिन विशेष तौर पर महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं तो वहीं सुख-संपदा के लिए भी इस दौरान पूजन-पाठ का आयोजन किया जाता है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को ही पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi 2024) कहते हैं। मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी पर व्रत करने व विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है।

ऐसे में आइए हम आपको इस लेख के माध्यम से पौष पुत्रदा एकादशी की पूजन विधि व शुभ मुहूर्त की जानकारी देते हैं।

Pausha Putrada Ekadashi 2024 शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 20 जनवरी की रात 06 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ हो गई है। तिथि की बात करें तो विद्वानों के अनुसार इस एकादशी की तिथि 21 जनवरी रात 07 बजकर 26 मिनट तक है। ऐसे में लोग आज सुबह से शाम 7 बजे तक पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi 2024) का पूजन कर सकते हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत करने वाली महिलाएं 22 जनवरी को द्वादशी तिथि पर सुबह 07:13 से 09:21 के बीच पारण कर सकती हैं।

Pausha Putrada Ekadashi 2024 पूजन विधि

पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत करने वाली महिलाओं के लिए सर्वप्रथम व्रत में ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक है। इस व्रत को करने के लिए सुबह स्नान करने के पश्चात गंगा जल,तुलसी जल, काला तिल, फूल और पंचामृत से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी के व्रत रखने वाली महिलाएं सायं में दीपदान के पश्चाता सात्विक आहार ले सकती हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi 2024) व्रत के दौरान संतान गोपाल मंत्र का जाप करने से लाभ मिलता है। वहीं व्रत संपन्न होने के बाद अगले दिन द्वादशी तिथि पर स्नान-ध्यान कर पूजन करने के बाद व्रत का पारण करना चाहिए।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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