---Advertisement---

Raksha Bandhan 2023: भाई-बहन भूलकर भी एक साथ इस मंदिर में नहीं कर सकते प्रवेश, वजह कर देगी हैरान

रक्षाबंधन पर कई भाई बहन धार्मिक स्थलों पर जाकर भगवान का आशीर्वाद भी लेते हैं। ‌ लेकिन आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां भाई-बहन का जाना वर्जित है।

Avatar of Anjali Sharma

By: Anjali Sharma

Published: अगस्त 25, 2023 12:53 अपराह्न

Follow Us
---Advertisement---

Raksha Bandhan 2023: हर साल रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। ऐसे में अगर इस साल के बारे में बात करें तो, इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 30 और 31 अगस्त को मनाया जाएगा। दरअसल इस साल भद्रा काल के कारण यह त्यौहार दो दिन मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। ‌ इस दिन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। वही बदले में भाई बहन को जीवन भर रक्षा का वचन देता है।

भाई-बहन भूलकर भी एक साथ न करें इस मंदिर के दर्शन

इसी कड़ी में आपको बता दें कि, रक्षाबंधन पर कई भाई बहन धार्मिक स्थलों पर जाकर भगवान का आशीर्वाद भी लेते हैं। ‌ लेकिन आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां भाई-बहन का जाना वर्जित है। ऐसा कहा जाता है कि, इस मंदिर में भाई-बहन को एक साथ कभी नहीं आना चाहिए। इसी के साथ इस मंदिर में भाई बहन के दर्शन और पूजा करने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वह छत्तीसगढ़ का एक अनोखा मंदिर है। छत्तीसगढ़ के इस मंदिर में भाई बहन का जाना पूरी तरह से वर्जित है। ‌

छत्तीसगढ़ का अनोखा मंदिर

यह मंदिर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के कसडोल के पास नारायणपुर गांव में स्थित है। यह मंदिर नारायणपुर के शिव मंदिर के नाम से काफी ज्यादा मशहूर है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में भाई-बहन को कभी भी एक साथ पूजा करने के लिए नहीं जाना चाहिए। दरअसल इसके पीछे की कहानी यह है कि, मंदिर का निर्माण रात के समय में हुआ था। मंदिर 6 महीने में तैयार किया गया था। ऐसे में ये मंदिर जनजाति समुदाय से जुड़ा है। शिल्पी नारायण रात के वक्त निवस्त्र होकर मंदिर का निर्माण करते थे। ‌

इस वजह से नहीं आ सकते भाई बहन

इसी कड़ी में आपको बता दें कि, जब शिल्पी नारायण मंदिर का निर्माण करते थे तब उनकी पत्नी उन्हें खाना देने आई थी लेकिन एक शाम नारायण की पत्नी की जगह बहन खाना लेकर निर्माण स्थल पर आ गई क्योंकि शिल्पी नारायण निर्वस्त्र होकर मंदिर का निर्माण करते थे तो बहन को देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई और उन्होंने मंदिर के शिखर से कूद कर अपनी जान दे दी। यही कारण है कि इस मंदिर में भाई-बहन का एक साथ आना वर्जित है।

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Avatar of Anjali Sharma

Anjali Sharma

अंजलि शर्मा पिछले 2 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। अंजलि ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल अंजलि DNP India Hindi वेबसाइट में कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Amarnath Yatra 2026

अप्रैल 15, 2026

Good Friday Myths and Folklore

अप्रैल 3, 2026

IRCTC 7 Jyotirlinga Tour Packages

अप्रैल 1, 2026

Mahavir Jayanti 2026

मार्च 31, 2026

Chaitra Navratri 2026 Day 5

मार्च 23, 2026

Chaitra Navratri 2026 Day 4

मार्च 22, 2026