Delhi Metropolitan Education: नोएडा, 14 मार्च 2026: दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (DME) लॉ स्कूल, नोएडा में “ज्यूरिसकनेक्ट’26” का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय था “न्याय तक पहुंच, दक्षता और विश्वास: भारत की न्याय व्यवस्था पर पुनर्विचार”।
कानून के विद्यार्थियों के लिए करियर के अवसरों पर अपने विचार साझा किए
कार्यक्रम में टियर-1 लॉ फर्मों के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों ने भाग लेकर भारतीय न्याय व्यवस्था की चुनौतियों, कानूनी पेशे में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका तथा कानून के विद्यार्थियों के लिए करियर के अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
पैनल में श्री सैफुर रहमान फारिदी (पार्टनर, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी), सुश्री सुरभि खट्टर (पार्टनर, सिरिल अमरचंद मंगलदास), श्री जाफर आलम (पार्टनर, ट्राइलीगल), श्री नचिकेता गोयल (एसोसिएट पार्टनर, कोचर एंड कंपनी), श्री सौरभ बिंदल (पार्टनर, फॉक्स मंडल एंड एसोसिएट्स) तथा श्री माधवम शर्मा (प्रिंसिपल एसोसिएट, खैतान एंड कंपनी) शामिल रहे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता कानूनी कार्यों में सहायक हो सकती है
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कानूनी शिक्षा, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव के महत्व तथा कानूनी पेशे में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कानूनी कार्यों में सहायक हो सकती है, लेकिन यह वकीलों की मानवीय समझ और निर्णय क्षमता का स्थान नहीं ले सकती। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने कानून में विशेषज्ञता, लॉ फर्मों में करियर और पेशेवर विकास से जुड़े प्रश्न पूछे।






