Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह इवनिंग महाविद्यालय ने 24 फरवरी 2026 को अपना प्रथम एलुमनाई मीट सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पूर्व छात्र, संकाय सदस्य तथा विशिष्ट अतिथि शामिल थे, जिससे वातावरण अत्यंत जीवंत एवं भावनात्मक बन गया।
कार्यक्रम को एक गरिमामय एवं सांस्कृतिक स्वर प्रदान किया
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगीत वंदे मातरम् तथा विश्वविद्यालय कुलगीत का गायन किया गया, जिसने कार्यक्रम को एक गरिमामय एवं सांस्कृतिक स्वर प्रदान किया। उद्घाटन संबोधन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. भावना पांडेय द्वारा दिया गया। उन्होंने इस एलुमनाई मिलन के प्रथम आयोजन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की तथा आशा जताई कि भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रम और अधिक सार्थक एवं फलदायी होंगे, जिससे पूर्व छात्रों और महाविद्यालय के बीच संबंध और सुदृढ़ होंगे।
स्वागत भाषण एलुमनी समिति के संयोजक डॉ. महेश कुमार दीपक द्वारा दिया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संस्थान के विकास में पूर्व छात्रों की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। एलुमनी समिति SETU, महाविद्यालय की आधिकारिक एलुमनाई संघ के अध्यक्ष डॉ. विशाल सहाय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस एलुमनाई मिलन में महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. पवन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे, जिनके कार्यकाल में वर्ष 2022 में SETU एलुमनी एसोसिएशन की स्थापना हुई थी।
दिवंगत प्राचार्य श्री दीपक मल्होत्रा को भी संकाय सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई
कार्यक्रम के दौरान दिवंगत प्राचार्य श्री दीपक मल्होत्रा को भी संकाय सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई, उनके महत्वपूर्ण योगदानों को स्मरण करते हुए।
कार्यक्रम का समापन प्रो. पूनम गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया और इस प्रकार कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भविष्य में एलुमनी सहभागिता को और सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जैसे नियमित एलुमनी मीटिंग्स, वर्तमान छात्रों के लिए मेंटरशिप सत्र तथा संस्थान के विकास हेतु अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ। कार्यक्रम के दौरान कुछ खेल एवं रोचक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम और अधिक उत्साहपूर्ण एवं आनंददायक बन गया।






