---Advertisement---

Galgotias University: चीनी रोबोडॉग और पेटेंट विवाद के बीच विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर दावे से सनसनी! क्या रुख अपनाएंगे सुनील गलगोटिया?

Galgotias University जिस जमीन पर संचालित हो रही है उसके अवैध अतिक्रमण को लेकर एक दावा सामने आया है। इंडिया टूडे की रिपोर्ट में इसका जिक्र है जिसको लेकर सनसनी मची है।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: फ़रवरी 24, 2026 5:37 अपराह्न

Galgotias University
Follow Us
---Advertisement---

Galgotias University: ग्रेटर नोएडा में स्थित एक विश्वविद्यालय बीते दिनों एआई समिट के दौरान विश्व कुख्यात हुआ था। समझने वाले समझ गए होंगे कि बात गलगोटिया यूनिवर्सिटी के संदर्भ में हो रही है। दरअसल, एआई समिट 2026 में चीनी रोबोडॉग प्रस्तुत कर गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने वैश्विक मंच पर भारत की किरकिरी कराई थी।

इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय पेटेंट फाइल करने को लेकर भी विवादों में रहा। अब गलगोटिया से जुड़ा भूमि अधिग्रहण वाला एक मामला सामने आया है जिससे सनसनी मची है। इस दावे के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस बात पर भी नजरें टिकीं हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया का अगला कदम क्या रहने वाला है।

चर्चित Galgotias University से जुड़े दावे को लेकर मची सनसनी!

दुनिया में चर्चा का विषय बन चुकी गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े एक दावे को लेकर सनसनी मची है। पूरा मामला विश्वविद्यालय के अवैध भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। इंडिया टूडे की एक रिपोर्ट में पुराने मामले का जिक्र सामने आया है। इसके तहत दशक भर पहले, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने कुछ किसानों की जमीन कम दरों पर अधिग्रहित कर ली थी।

आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए यीडा ने जमीन अधिग्रहित की और इसके कई हिस्सों को निजी संस्थानों को संस्थागत दरों पर आवंटित कर दिया। इसके बाद गजराज और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल हुआ। न्यायालय ने आदेश दिया कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा में अधिग्रहित जमीनों के किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विवाद के बीच अभी भी ग्रेटर नोएडा में स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी उसी आवंटित भूमि संचालित हो रही है। इसको लेकर संस्थान सवालों के घेरे में है। विवादों में आए विश्वविद्यालय के बीच अब देखना दिलचस्प होगा कि इस सनसनीखेज दावे पर सुनील गलगोटिया क्या रुख अपनाते हैं।

चीनी रोबोडॉग विवाद के बाद पेटेंट अप्रूवल पर भी उठे सवाल!

एआई समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी कैसे विवादों में रही थी ये जगजाहिर है। यूनिवर्सिटी द्वारा पहले चीनी रोबोडॉग को इन हाउस इनोवेशन बताकर पेश करना और फिर अपने दावे से मुकर जाना खूब सुर्खियों में रहा। इतना ही नहीं, फिर पेटेंट की भी पोल खुली।

जानकारी के मुताबिक गलगोटिया विश्वविद्यालय ने 2017 से 2024 के बीच 2430 पेटेंट दाखिल किए। तुलना करें तो आईआईटी मद्रास ने 1975 से अब तक मात्र 2550 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं। ये दर्शाता है कि कैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी अपना साम्राज्य फैलाने में कामयाब रही है।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Shivpuri Accident News

अप्रैल 17, 2026

CM Yogi Adityanath

अप्रैल 17, 2026

Baghpat Viral Video

अप्रैल 17, 2026

Donald Trump

अप्रैल 17, 2026

CM Bhagwant Mann

अप्रैल 17, 2026

Uttrakhand Viral Video

अप्रैल 17, 2026