Galgotias University: देश-दुनिया में अपनी करतूत की बदौलत सुर्खियों में छाई गलगोटिया यूनिवर्सिटी का एक और कारनामा सामने आया है। भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान चीनी रोबोडॉग प्रदर्शित करने वाली यूनिवर्सिटी ने पेटेंट फाइल कर सरकार से करोड़ों कमाए हैं। परत दर परत जानकारी हासिल करने के बाद पेटेंट से जुड़े कुछ आंकड़े सामने आए हैं।
जितना पेटेंट सभी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी आईआईटी ने मिलकर नहीं बनाया है, उससे कहीं ज्यादा गलगोटिया यूनिवर्सिटी को मिला है। गलगोटिया ने 1089 पेटेंट फाइल कर करोड़ों की कमाई की है। निराशजनक बात ये है कि नए अविष्कार के नाम पर करोड़ों हासिल करने वाली विश्वविद्यालय में धरातल पर शून्य असर है।
पेटेंट फाइल कर करोड़ों कमा रही Galgotias University
नए अविष्कार के नाम पर पेटेंट फाइल कर गलगोटिया यूनिवर्सिटी करोड़ों की कमाई कर रही है। एक आंकड़ा सामने आया है जिसमें भारत के टॉप 10 शिक्षण संस्थानों का जिक्र है जो पेटेंट फाइल करने में आगे हैं। इसमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और जैन (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी का ही नाम है।
Galgotias University एक बार फिर चर्चा में है। रिसर्च और इनोवेशन के नाम पर खूब पैसा बना रहे है। भारत सरकार पेटेंट फाइल करने के लिए पाँच लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देती है।
पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया और इसके खेल को समझने के लिए टॉप पेटेंट फाइल करने वाले भारतीय संस्थानों की… pic.twitter.com/6gv6HzwM1l
— Santosh Yadav, Ph.D. (@sky_phd) February 17, 2026
ग्रेटर नोएडा में स्थित इस शिक्षण संस्थान ने 1089 पेटेंट फाइल किए हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा फाइल की गई पेटेंट की संख्या देश के सभी आईआईटी द्वारा फाइल पेटेंट से अधिक है। सभी आईआईटी ने मिलकर 803 पेटेंट फाइल किए हैं। ये दर्शाता है कि पेटेंट के नाम पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा कैसे करोड़ों की कमाई की जा रही है।
चीनी रोबोडॉग प्रदर्शित कर शिक्षण संस्थान ने पिटवाई भद्द
गौरतलब है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा इम्पैक्ट एआई समिट में एक चीनी रोबोडॉग प्रस्तुत किया गया। कॉलेज की एक प्रोफेसर ने इसे पहले ‘इन हाउस इनोवेशन’ बताया फिर भद्द पिटते ही अपने बातों से मुकर गईं। गलगोटिया विश्वविद्यालय की करतूत ने विपक्ष को भी सरकार के खिलाफ बोलने का मौका दे दिया है।
तमाम विपक्षी नेता मुखरता के साथ गलगोटिया यूनिवर्सिटी की कृत्य को सरकारी मंच देने के लिए सरकार को कोस रहे हैं। राहुल गांधी, पवन खेड़ा, जयराम रमेश समेत तमाम कांग्रेस के नेताओं ने गलगोटिया विश्वविद्यालय की चूक को लेकर सरकार पर हमला बोला है। यूनिवर्सिटी अब चुप की स्थिति में है और प्रेस रिलीज जारी कर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है।






