NEET UG 2026 Paper Leak: अगर हालिया जांच पर गौर करें, तो नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला सुलझाने में काफी टाइम लग सकता है। सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच में अब तक कई अहम खुलासे हुए हैं, जोकि लोगों को हैरान कर रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसी ने अब इस मामले की जांच के दायरे को बढ़ा दिया है। ‘India Today’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई उन अभिभावकों की भूमिका की जांच कर सकती है, जिन पर अपने बच्चों के लिए लीक हुए प्रश्न पत्र खरीदने का आरोप है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने यह कदम अभी तक की जांच और मामले में शामिल बिचौलियों से पूछताछ के बाद उठाया है।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में इन अभिभावकों पर गिरेगी सीबीआई की गाज
रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने जांच का दायरा उन परिवारों तक बढ़ा दिया है, जिन पर परीक्षा का पेपर पहले पाने के लिए भारी रकम चुकाने का शक है। बताया जा रहा है कि कई परिवारों ने लीक पेपर हासिल करने के लिए 5 से 10 लाख रुपये तक की रकम चुकाई है।
सीबीआई ने जांच में पता चला है कि लीक पेपर हासिल करने वाले कुछ माता-पिता ने बिचौलियों को दी गई रकम का कुछ हिस्सा वापस पाने की कोशिश में लीक हुए प्रश्नपत्रों को आगे भी फैलाने का प्रयास हो सकता है। कुछ परिवारों ने परीक्षा से संबंधित लीक हुई सामग्री तक पहुंच बनाने के लिए 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की रकम चुकाई थी। ऐसे में जांच एजेंसी सभी तरह से मामले की जांच में जुटी हुई है।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र में चलाया तलाशी अभियान
वहीं, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि 8 अधिकारियों वाली एक सीबीआई टीम ने नांदेड़ और लातूर में कई छापे मारे, जिनमें नांदेड़ के विद्युत नगर इलाके में स्थित एक कारोबारी का घर भी शामिल है। जांच के दायरे में आए एक मामले में, नांदेड़ के ने कथित तौर पर अपनी बेटी के लिए प्रश्न पत्र हासिल करने के वास्ते बिचौलियों के जरिए मोटी रकम चुकाई थी। वहीं, लातूर शहर में आरसीसी यानी रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के मुख्य कार्यालय में तलाशी ली गई।






