72nd National Film Awards: हाल ही में रणवीर सिंह की धुरंधर से आदित्य धर ने दुनिया भर में परचम लहराया है और इसके दोनों पार्ट ने लगभग 3000 करोड़ की कमाई की है। वहीं इस सबके बीच फिलहाल डायरेक्टर 72वें नेशनल फिल्म अवार्ड में आर्टिकल 370 के लिए तीन अवार्ड अपने नाम करने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने एक भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है जहां उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने के समय उनका मकसद पुरस्कारों के पीछे भागना नहीं था। आइए जानते हैं 70वें नेशनल फिल्म अवार्ड में किन फिल्मों और स्टार का जलवा देखा गया है।
धुरंधर डायरेक्टर हुए भावुक
— Aditya Dhar (@AdityaDharFilms) July 18, 2026
आदित्य धर ने 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स सेरिमनी में तब तबाह दिखाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा आर्टिकल 370 के लिए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना एक ऐसा क्षण है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह मेरे लिए गर्व की बात है, बेहद भावुक कर देने वाला है और मेरे दिल को अपार कृतज्ञता से भर देता है। जब हमने इस फिल्म को बनाने का फैसला किया, तो हमारा मकसद पुरस्कारों के पीछे भागना नहीं था। हम एक दृढ़ विश्वास से प्रेरित थे, एक ऐसी कहानी को ईमानदारी, साहस और निष्ठा के साथ कहना। यह देखकर सचमुच बहुत खुशी हो रही है कि हमारी यह यात्रा देशभर के दर्शकों को प्रभावित कर रही है और अब इसे भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जा रहा है।
आर्टिकल 370 को लेकर जानें आदित्य ने किनका कहा शुक्रिया
आदित्य धर ने आगे कहा इस अविश्वसनीय सम्मान के लिए सम्मानित जूरी के प्रति और आर्टिकल 370 को देखने, समर्थन करने, इस पर बहस करने और इस पर विश्वास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति मेरी हार्दिक कृतज्ञता। आपके प्रेम ने इस फिल्म को पर्दे से परे एक जीवंतता प्रदान की। यह सम्मान हमारे असाधारण निर्देशक आदित्य सुहास जाम्भले को समर्पित है, जिनकी दूरदृष्टि और दृढ़ विश्वास ने फिल्म के हर दृश्य को आकार दिया। यामी गौतम धर और प्रियमणि को भी, जिन्होंने अपने अभिनय में गहराई, शक्ति और प्रामाणिकता का संचार किया। शशवत सचदेव को भी, जिनका संगीत हमारी कहानी की आत्मा बन गया। और हमारी पूरी टीम और कलाकारों के हर सदस्य को, जिनकी अथक मेहनत, जुनून और विश्वास ने असंभव को संभव कर दिखाया।
पुरस्कार का क्या है आदित्य धर के लिए मायने
धुरंधर डायरेक्टर का कहना है कि “जियो स्टूडियोज में हमारे साझेदारों, विशेष रूप से ज्योति देशपांडे को, इस फिल्म के प्रति अटूट विश्वास रखने और सार्थक सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए हार्दिक धन्यवाद। पुरस्कार उपलब्धियों का उत्सव तो हैं ही, साथ ही साथ ये आगे आने वाली ज़िम्मेदारी की याद भी दिलाते हैं। यह सम्मान हमारे इस विश्वास को और मज़बूत करता है कि ईमानदारी, दृढ़ विश्वास और उद्देश्य के साथ सुनाई गई कहानियां हमेशा अपना स्थान पा लेंगी। यह मंज़िल नहीं है। यह सीमाओं को तोड़ते रहने, महत्वपूर्ण कहानियां सुनाते रहने और ऐसी सिनेमाई रचना करने का वादा है जो चर्चाओं को जन्म दे, भावनाओं को जगाए और एक अमिट छाप छोड़े। दिल से… आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। यह सम्मान हम सभी का है।”
जानें 72nd National Film Awards में किसने दिखाया दबदबा
बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म- आर्टिकल 370
बेस्ट पॉपुलर फ़िल्म- कल्कि 2898 AD
बेस्ट डायरेक्टर- राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
बेस्ट एक्टर (शेयर्ड)- कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन), ममूटी (ब्रह्मयुग्म)
बेस्ट एक्ट्रेस यामी गौतम (आर्टिकल 370)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- संजय मिश्रा (भक्षक)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (शेयर्ड)- रूपाश्री वरकड़े (मिथ्या), सचना नामिदास (महाराजा)
स्पेशल मेंशन्स- सुरेन जी (द्वितीय मियाझागन), धनुष (कैप्टन मिलर),
बेस्ट तुलु फिल्म- आईएमबीयू
बेस्ट गढ़वाली फिल्म- ढोली
बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग व्होलसम एंटरटेनमेंट: कल्कि 2898 AD
बेस्ट डेब्यू फ़िल्म- स्वातंत्र्य वीर सावरकर
बेस्ट फ़िल्म- आर्टिकल 370
बेस्ट कोरियोग्राफी- विजय गांगुली (स्त्री 2)
बेस्ट गीत- मनोज मुंतशिर (जाने दो – मैदान)
बेस्ट संगीत निर्देशन- जीवी प्रकाश कुमार (अमरन), शास्वत सचदेव (आर्टिकल 370)
बेस्ट मेकअप- पी रवि कुमार (समिति कुर्रोलू)
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन- दीपाली नूर, शीतल शर्मा (पुष्पा 2)
बेस्ट स्क्रिप्ट- फ़राज़ अली
बेस्ट वॉइसओवर- सौंदर्या जयचंद्रन (लिटिल फ्रॉग्स)
बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्शन- शिवपाल सिंह कांग (ऑन द ट्रेल ऑफ़ 41)
बेस्ट एडिटिंग- मनवीर जसरोटिया
बेस्ट साउंड डिज़ाइन- हरि हारा सुधन (ब्लू)
इन अवार्ड का भी दिखा जलवा
- बेस्ट डायरेक्शन: आनंद एल राय (स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी)
- बेस्ट डेब्यू फ़िल्म: आंगन
- बेस्ट शॉर्ट फ़िल्म: हमसफ़र
- बेस्ट एनिमेशन फ़िल्म: टच्ड एज़ वॉटर
- बेस्ट सोशल/एनवायरनमेंटल फ़िल्म: पिपलांत्री
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म: राम-नामी
- बेस्ट आर्ट/कल्चर फ़िल्म: मैं निदा
- बेस्ट बायोग्राफ़िकल/हिस्टोरिकल रिकंस्ट्रक्शन फ़िल्म: काकोरी
- बेस्ट तेलुगु फिल्म: समिति कुर्रोलु
- बेस्ट तमिल फिल्म: रायन
- बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन: नितिन जिहान चौधरी (कल्कि 2898 ई.)
- बेस्ट संपादन: आर कलाईवन्नन (अमरन)
- बेस्ट साउंड डिज़ाइन: मानस चौधरी (भूल भुलैया 3)
- बेस्ट डायलॉग्स: वेंकी एटलुरी (लकी बास्कर)
- बेस्ट स्क्रीनप्ले: योगेश देशपांडे (स्वर्गंधर्व सुधीर फड़के), बांदीरेड्डी सुकुमार (पुष्पा 2)
- बेस्ट मराठी फिल्म: मुख्खम पोस्ट बोम्बिलवाड़ी
- बेस्ट मलयालम फिल्म: फेमिनिची फातिमा
- बेस्ट कन्नड़ फिल्म: मिथ्या
- बेस्ट हिंदी फिल्म: श्रीकांत
- बेस्ट गुजराती फिल्म: मारन
- बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: शहनाद जलाल (ब्रमायुगम)
- बेस्ट मणिपुरी फिल्म: सुनीता
- बेस्ट उड़िया फिल्म: लहरी
- बेस्ट बंगाली फिल्म: चलचित्रा एखोन
- बेस्ट प्लेबैक सिंगर: वैकोम विजयलक्ष्मी (एआरएम – अंगु वाना कोनिलु), अभय जोधपुरकर (घराट गणपति – नवसाची गौरी माज़ी)
- बेस्ट बाल कलाकार: रिद्धिमान बनर्जी, टोपोमोय देब, गीताश्री चक्रवर्ती (ओंको की कोथिन), अरुणदेव पोथुला (35 – चिन्ना कथा काडू), आतिश एस शेट्टी (मिथ्या)
- बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल: रूपाश्री वर्काडी (मिथ्या), सच्चा नामीदास (महाराजा), संजय मिश्रा (बख्शक)
- बेस्ट डायरेक्टर: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
- बेस्ट चाइल्ड फिल्म: 35 – चिन्ना कथा कादु
- बेस्ट असमिया फिल्म: जुईफूल
- बेस्ट कोंकणी फिल्म: मोग आसुम
- बेस्ट एक्शन निर्देशन: अनी अरासु (महाराजा)
- बेस्ट फिल्म प्रमोटिंग नेशनल, सोशल, Environmental वैल्यूज: कैप्टन मिलर
