Aakhri Sawaal Movie Review: संजय दत्त के ‘आखिरी सवाल’ ने ऑडियंस के दिलों पर कितनी छोड़ी छाप? जानें रिव्यू

Aakhri Sawaal Movie Review: संजय दत्त की फिल्म 'आखिरी सवाल' को 15 मई 2026 को रिलीज कर दिया गया है। इसके फर्स्ट रिव्यू आ चुके हैं। हालंकि विवाद के कारण कुछ मुस्लिम देशों में इसे बैन किए जाने की खबर भी सामने आ रही है।

Aakhri Sawaal Movie Review

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Aakhri Sawaal Movie Review: संजय दत्त की फिल्मआखिरी सवाल’ विवादों के बीच रिलीज कर दी गई है। 15 मई 2026 को जैसे ही सिनेमाघरों तक ये पहुंची वैसे ही सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े रिव्यू सामने आने लगे। आपको बता दें, ये भारतीय राजनीति , विचारधारा और बेहद भावनात्मक मुद्दों से जुड़ी फिल्म हैं। वहीं, खबर  आ रही है कि, मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात  UAE के साथ-साथ अजमान, फुजैरा, रस अल खैमाह ,अबू धाबी, दुबई, शारजाह, और उम्म अल कुवैन देशों ने बैन कर दिया है। खबरों की मानें तो सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई कट लगाने के लिए कहा था,  लेकिन मेकर्स ने ऐसा नहीं किया। जिसके कारण इस बॉलीवुड फिल्म को कई देशों ने प्रतिबंध किया गया है।  अभिजीत मोहन वारंग के निर्देशन में बनी इस मूवी के निर्माता निखिल नंदा और संजय दत्त हैं। 

Aakhri Sawaal Movie Review  जानें

Cinema Mania नाम के एक्स हैंडल पर संजय दत्त की मूवी आखिरी सवाल को लेकर रिव्यू लिखा गया है,
‘एक विचारोत्तेजक राजनीतिक ड्रामा जो ज़्यादातर मामलों में 4 स्टार  पाने में सफल रहा।आम राजनीतिक थ्रिलर फिल्मों की तुलना में आख़री सवाल एक अधिक संवाद-प्रधान और बहुआयामी प्रयास के लिए प्रशंसा का पात्र है। फिल्म संवेदनशील वैचारिक विषयों को भावनात्मक रूप से आवेशित बहस वाले ड्रामा में बदल देती है जो फिल्म के अधिकांश समय तक दर्शकों को बांधे रखता है।

सबसे अच्छी बात इसकी लेखन शैली की ईमानदारी है। तालियों की गड़गड़ाहट के पीछे भागने के बजाय, फिल्म तनाव पैदा करने के लिए तीखे संवादों, परस्पर विरोधी दृष्टिकोणों और नैतिक रूप से जटिल संवादों पर निर्भर करती है। गुरु-शिष्य का रिश्ता भी कहानी को राजनीति से परे भावनात्मक गहराई प्रदान करता है।हालांकि, फिल्म कभी-कभी ज़रूरत से ज़्यादा संवादों से भरी हो जाती है, खासकर दूसरे भाग में जहां कुछ संवाद अनावश्यक रूप से खींचे हुए लगते हैं। बेहतर संपादन और प्रस्तुति में थोड़ी और सिनेमाई विविधता से इसका प्रभाव और भी बढ़ सकता था।’

संजय दत्त की फिल्म ‘आखिरी सवाल’ का रिव्यू

वहीं, Always Bollywood नाम के एक्स हैंडल से संजय दत्त की आखिरी सवाल फिल्म का रिव्यू देते हुए लिखा गया है कि, ‘साहसिक विषय, दमदार टकराव और सशक्त अभिनय… आखिरी सवाल एक प्रभावशाली राजनीतिक ड्रामा के रूप में उभरता है, जो एक भावनात्मक रूप से आवेशित गुरु-शिष्य संबंध के माध्यम से वैचारिक संघर्ष, ऐतिहासिक धारणा और “संवाद” और “विवाद” के बीच की लड़ाई को दर्शाता है। संजयदत्त ने प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी के रूप में उत्कृष्ट अभिनय किया है, जिसमें उन्होंने शांत अधिकार और भावनात्मक गहराई का परिचय दिया है। ‘

 

‘आखिरी सवाल’  फिल्म कोई आम राजनीतिक ड्रामा नहीं है

Vishwajit Patil नाम के यूजर ने आखिरी सवाल फिल्म का रिव्यू देते हुए एक्स पर लिखा, ‘आखिरी सवाल कोई आम राजनीतिक ड्रामा नहीं है। यह फिल्म शोर-शराबे वाले नाटकीय हथकंडों के बजाय संवादों, वैचारिक टकरावों और भावनात्मक बहसों पर आधारित है, और यही इसकी सफलता का राज है।’

 

संजय दत्त की फिल्म ‘आखिरी सवाल’ की स्टोरी और स्टारकास्ट

संजय दत्त की फिल्म आखिरी सवाल एक भारतीय राजनैतिक ड्रामा है। जिसमें 1975 की इमरजेंसी, बाबरी मस्जिद जैसे विवादों को दिखाया गया है। इस फिल्म के डायरेक्टर नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले अभिजीत मोहन वारंग हैं। लीड रोल में संजय दत्त के अलावा नीतू चंद्रा , नमाशी चक्रवर्ती , दीपक अंटानीऔर मयूर बंसीवाल जैसे बडे कलाकार हैं। इस फिल्म में आरएसएस का इतिहास भी दिखाया गया है।

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