‘सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए…’ Asha Bhosle के निधन को लेकर क्यों पाकिस्तानियों में पड़ी फूट, छिपकर ‘धुरंधर’ देखने वाले हो रहे जलील

Asha Bhosle: पाकिस्तान में भारतीय सिंगर के निधन की खबर चलाने को लेकर एक न्यूज चैनल को नोटिस जारी किया गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक बहस की शुरुआत हो गई खास बात यह है कि पाकिस्तानी आपस में लड़ रहे हैं।

Asha Bhosle

Photo Credit- Google Asha Bhosle

Asha Bhosle: भारत और पाकिस्तान के सेलेब्स के बीच एक अलग ही बंटवारा है और दोनों को एक दूसरे देश में बैन किया गया है। वहीं इस सब के बीच पार्श्व गायिका के निधन को लेकर पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल को कवरेज करना भारी पड़ गया है। जी हां, जियो न्यूज़ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई जहां कहा गया की आशा भोसले के निधन को लेकर कवरेज दिखाना और उनके गाने को बजाकर उन्हें याद करना पाकिस्तानी सरकार को पसंद नहीं आई। ऐसे में जियो न्यूज़ को पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी ने नोटिस जारी किया है। वहीं इसे लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आपस में ही भिड़े हुए नजर आ रहे हैं।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने आशा भोसले कवरेज विवाद पर क्या कहा

एक्स पर जियो न्यूज मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने लिखा, “PEMRA ने जियो न्यूज़ को मशहूर सबकॉन्टिनेंट सिंगर आशा भोसले से जुड़ा कंटेंट दिखाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आइकॉनिक आर्टिस्ट के काम को रिपोर्ट करते समय उन्हें दोबारा देखना और सेलिब्रेट करना हमेशा से रिवाज रहा है। असल में, आशा भोसले जैसे बड़े आर्टिस्ट के लिए, हमें उनके टाइमलेस और यादगार गानों को और भी ज़्यादा शेयर करना चाहिए था, जितना हमने किया। फिर भी, पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर, PEMRA ने इस पर रोक लगाने का फैसला किया है।”

Asha Bhosle क्या इस पाकिस्तानी सिंगर की करती थी तारीफ

आशा भोसले को लेकर इसके साथ ही कहा गया, “कला, ज्ञान की तरह, इंसानियत की साझी विरासत है और इसे सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। आशा भोसले खुद पाकिस्तान की मशहूर सिंगर नूरजहां की तारीफ़ करती थीं, जिन्हें वह प्यार से अपनी “बड़ी बहन” कहती थीं। उन्होंने नुसरत फतेह अली खान के साथ मिलकर काम किया और नासिर काज़मी जैसे महान उर्दू शायरों की कविताओं को ज़िंदा किया। युद्ध और झगड़े के समय, कला और आर्टिस्ट को नुकसान नहीं होना चाहिए। बुद्धिजीवी, म्यूज़िशियन और क्रिएटर अक्सर वही आवाज़ें होती हैं जो नफ़रत और बंटवारे के खिलाफ़ खड़ी होती हैं, और वही लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं।”

धुरंधर 2 को लेकर पाकिस्तानियों के मजे ले रहे भारतीय

कहा जा रहा है कि PEMRA की तरफ से जियो न्यूज़ को इस बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है तो वहीं इस खबर को सुनने के बाद भारतीय फैंस पाकिस्तान को ट्रोल करने लगे हैं। जहां कुछ लोगों का कहना है कि इनका अपना कोई अस्तित्व नहीं है धुरंधर देखने के समय इन्हें यह समझ नहीं आई थी। वहीं लोगों का कहना है कि यह सिर्फ सिलेक्टिव चीजों के लिए विवाद करते हैं। एक यूजर ने कहा धुरंधर 2 देखते समय शर्म नहीं आई।

ऐसे में यह देखना दिलचस्प है कि आशा भोसले के निधन पर जियो न्यूज़ और पाकिस्तानी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथॉरिटी का विवाद कहां तक पहुंचती है।

 

 

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