Dhurandhar: कश्मीर फाइल्स और बंगाल फाइल्स जैसी फिल्मों को बनाने वाले विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाकपन को लेकर अक्सर जाने जाते हैं। फिल्मों में अपनी जबरदस्त छाप छोड़ने में मशहूर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अब धुरंधर को लेकर अपना रिव्यू जारी किया है जो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। धुरंधर को लेकर आखिर क्या है द कश्मीर फाइल्स बनाने वाले डायरेक्टर की राय और इसे लेकर उन्होंने क्या कहा आइए जानते हैं। लगभग 1 महीने रिलीज होने के बाद धुरंधर देखकर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी राय सोशल मीडिया के जरिए लोगों के सामने रखी है और कहा कि इस तरह की फिल्म गलती से नहीं बनती।
Dhurandhar को लेकर फैन हुए विवेक रंजन अग्निहोत्री
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा, “2 महीने बाद अभी-अभी इंडिया वापस आया और सबसे पहले आदित्य धर की धुरंधर देखी। दिमाग चकरा गया और गर्व महसूस हो रहा है बस यही शब्द मेरे दिमाग में आ रहे हैं जो कोई भी जानता है कि फिल्म बनाने में क्या लगता है वह समझेगा कि ऐसा कुछ करने के लिए कितनी मेहनत लगती है। विजन, राइटिंग, कॉन्फिडेंस और अपने इंस्टिंक्ट पर भरोसा। इस तरह की सिनेमा गलती से नहीं बनती। मेरे दोस्त का प्रोडक्शन डिजाइन जबरदस्त है सिर्फ सजावटी नहीं बल्कि कहानी कहने वाला है। म्यूजिक न सिर्फ इन्नोवेटिव है बल्कि बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है।सिनेमैटोग्राफी एक नई टेक्सबुक है।”
धुरंधर की सफलता के पीछे क्या वजह
धुरंधर को लेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री इतने पर ही नहीं रुके और उन्होंने कहा, “परफॉर्मेंस के बारे में जाहिर है ज्यादा बात होगी लेकिन धुरंधर की असली जीत यह है कि छोटे से छोटे सबसे मामूली किरदारों ने भी बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, हर चेहरा सोच समझकर कास्ट किया गया, डायरेक्ट किया गया और सही जगह पर रखा गया है। सबसे जरूरी बात हर डिपार्टमेंट एक साथ मिलकर काम कर रहा है जैसे एक शरीर हो। ऐसा तालमेल आपने कभी नहीं देखा होगा। आदित्य धर मैंने हमेशा आपके काम की तारीफ की है। खासकर आपके स्किल की डिजाइन की समझ की लेकिन यह आप एक अलग ही लेवल पर काम कर रहे हैं। मैंने यह फिल्म सच्ची खुशी के साथ देखी है आप पर गर्व है। भारतीय सिनेमा पर गर्व।
आदित्य धर को विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा भगवान का बच्चा
वही आदित्य धर की धुरंधर की तारीफ करते हुए उन्हें लेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा, “आप धन्य हैं। सच में भगवान के अपने बच्चे आपको और शक्ति मिले। आगे बढ़ते रहो स्टैंडर्ड बढ़ाते रहो जब युवा पीढ़ी ऐसा काम करती है तो भारतीय सिनेमा आगे बढ़ता है। शाबाश।” गौरतलब है कि धुरंधर रिलीज को 1 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी भी इसका खुमार लोगों के सिर से उतरने का नाम नहीं ले रहा है।






