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Air pollution: प्रेंगनेंट महिलाओं के लिए शाप बनी जहरीली हवा, नुकसानों से ऐसे करें बचाव

प्रदुषित हवा प्रेगनेंट महिलाओं और उनके बच्चों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है. यह स्मॉग बच्चों के फेंफड़ो से लेकर उनके दिमाग तक पर असर डालता है आज इसके असर के साथ बचाव के तरीकों के बारे में भी जानने वाली हैं.

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By: Diksha Gupta

Published: नवम्बर 4, 2023 2:53 अपराह्न

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Air pollution: तेजी से बढते प्रदूषण में सांस लेना तक दुश्वार होता जा रहा है, हवाओं में फैला यह जहर हमारे पूरे शरीर पर अलग-अलग तरीकों से असर डालता है. वहीं प्रेंगनेंट महिलाओं के लिए यह और भी ज्यादा जोखिमपूर्ण हो सकता है. गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जिसमें महिलाओं की स्थिती काफी नाजुक होती है, इस दौरान कई गुना ज्यादा ध्यान देने और परहेज रखने की जरूरत होती है. ऐसे में प्रदुषित हवा प्रेगनेंट महिलाओं और उनके बच्चों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है. यह स्मॉग बच्चों के फेंफड़ो से लेकर उनके दिमाग तक पर असर डालता है आज इसके असर के साथ बचाव के तरीकों के बारे में भी जानने वाली हैं.

बच्चे के विकास को करता है धीमा

विषेले कणों से भरी हवा में जब प्रेगनेंट महिलाएं सांस लेती हैं तो यहा सांस के जरीए शरीर में पहुंचकर खून में मिल जाते हैं, यही खून बच्चे तक भी पहुंच रहा होता है. ऐसे में शिशु की विकास दर धीमी हो जाती है. कई बार उनका वजन ठीक से नहीं बढ पाता तो कभी दूसरे पोषण तत्वों की भी कमी हो जाती है।

बच्चे के दिमाग के लिए खतरनाक है

प्रदूषण से भरे वातावरण से लगातार रहने से प्रेगनेंच महिलाओं के बच्चो के दिमाग पर भी असर पड़ता है. हेल्थ एक्टपर्ट्स के अनुसार यह अजन्में भ्रूण के दिमाग से लेकर फेफड़ों तक पर गंभीर असर डालता है.

सांस की समस्या

कई बार जो लोग ज्यादा प्रदूषण में रहते हैं वो उनके होने वाले बच्चों की सेहत को भी खराब कर देता है. यह नवजात के फेंफड़ो पर प्रभाव डालता है कई बार जन्म लेने के बाद उसे सांस लेने में दिक्कत या फिर इससे जुड़ी दूसरी बिमारियां भी हो सकती हैं।

क्या करना चाहिए

1.प्रेगनेंट महिलाओं को प्रदूषण वाली हवाओं में सांस लेने से बचना चाहिए, इसके लिए मास्क लगाकर बाहर जा सकते हैं.

2.ऐसे समय में जितना हो सकते बाहर जाने को अवॉइड करना चाहिए, ऐसा करने से खुद के साथ बच्चों को भी फिट रख सकते हैं।

3.घर में एयर प्यूरीफायर या फिर ऐसे प्लांट्स को रखा जा सकता है जो हवा को नेचुरली साफ करते हो ताकि घर की हवा ठीक रहे.

4.वातावरण का प्रदूषण घर में भी एंट्री ले सकता है इसलिए बीच घर के पर्दों और खिड़कियों को बंद ही रखना चाहिए.

5.इस समय में प्रेगनेंट महिलाएं काढे या फिर जूस को अपनी डायट में शामिल कर सकती हैं जोकि बॉड़ी को डिटॉक्स कर सकें.

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल जानकारी के रूप में लें। DNP News Network/Website/Writer इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Diksha Gupta

2022 से करियर की शुरुआत कर दीक्षा बतौर कंटेंट राइटर के रूप में अपने सेवाएं दे रही हैं। लिखने, पढ़ने और कुछ नया सीखने के जोश के साथ आगे बढ़ने में विश्वास करती हैं। साथ ही एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और वायरल खबरों पर लिखने में इन्हें विशेष रुचि है। diksha.gupta1019@gmail.com पर इनसे संपर्क कर सकते हैं।
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