Cold Feet: अगर ठंड में मोटी रजाई और कंबल ढकने के बाद भी आपके पैर गर्म नहीं हो रहे हैं तो बिल्कुल भी लापरवाही ना करें। क्योंकि इसके पीछे एक नहीं अनेक कारण आपकी खराब हेल्थ की तरफ इशारा करते हैं। थर्मल रजाई भी अगर आपके बर्फिले पैरों को गर्म नहीं कर पा रही हैं तो सबसे पहले इसके कारण को जानें। इसके बाद इस समस्या का सटीक उपाय जानें।
Cold Feet के क्या कारण होते हैं?
रजाई में सोने के बाद भी पैर ठंडे रहने के कारण में एक प्रमुख ब्लड सर्कुलेशन है। रात में सोते हुए मेटाबॉलिज्म बहुत ही स्लो हो जाता है। जिसके कारण शरीर आंतरिक गर्मी को पैदा नहीं कर पाता है। जिसके कारण पैरों के ठंडे होने का कारण सामने आता है। वहीं, गर्म रजाई के अंदर पैर ठंडे रहना का अहम कारण रेनॉड सिंड्रोम , डायबिटीज, थायराइड , विटामिन B12 और आयरन के साथ एनीमिया की कमी भी हो सकता है। अगर ऐसा आपके साथ लंबे समय से हो रहा है तो बिल्कुल भी हल्के में ना लें बल्कि डॉक्टर से संपर्क करके अपना इलाज कराएं।
पैरों को गर्म करने के उपाय
1-मोजे पहनकर सोएं
अगर मोटी और गर्म रजाई भी आपके ठंडे पैरों को गर्म नहीं कर पा रही हैं तो थर्मल मोजे पहनकर सो सकते हैं। ये पैरों की नमी को सोखता है और गर्मी पैदा करते हैं। इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी सही करने में मदद कर सकते हैं।
2-हीटिंग पैड का करें इस्तेमाल
सोते हुए आप अपने बिस्तर में हीटिंग पैड रख सकते हैं। कुछ मिनटों तक पैर इससे सेंकने से राहत मिलती है और पैरों के साथ शरीर के अन्य हिस्से भी गर्म रहते हैं। ये एक सस्ता और टिकाऊ तरीका है।
3-सरसों के तेल की मालिश
शरीर में बल्ड सर्कुलेशन के लिए आप सरसों के तेल से मालिश कर सकते हैं। इससे रक्त संचार बढ़ता है वहीं, शरीर गर्माहट महसूस करता है। वहीं, एक टब में गुनगुना पानी लेकर इनकी सिकाई भी कर सकते हैं।
4-योग और एक्सरसाइज
पूरे शरीर में बल्ड सर्कुलेशन के लिए आप योग और एक्सरसाइज कर सकते हैं। इसका लाभ पूरी बॉडी और दिमाग को मिलता है। सर्दी के मौसम में ये बहुत ही अच्छा तरीका है। जिसे आप आजमा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
