Winter Blues: सर्दियों की सुबह में बिस्तर क्यों बन जाता है जंग का मैदान? जानें भयंकर सुस्ती का हैरतअंगेज कारण

Winter Blues: सर्दियों में सुबह के समय उठने में अकसर लोगों को भयंकर आलस आता है। गर्मियों के मुकाबले ठंड के मौसम में सुबह उठाना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। यहां जानें इसके पीछे का कारण क्या है? जिसे हल्के में बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए।

Winter Blues: सर्दियों की लंबी रातों में भले ही नींद आए या ना आए लेकिन, जो सुबह की नींद होती है वो काफी मदहोश करने वाली होती है। रजाई से चाहकर भी निकलने का मन नहीं करता है। ठंड के मौसम में सुबह उठना लगभग सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है ? इसके पीछे का कोई कारण भी हो सकता है। इंसानी शरीर ऐसे ही प्रतिक्रिया नहीं देता है। बॉडी में हो रहे हर एक छोटे-बड़े बदलाव के पीछे की वजह होती है। इसीलिए मॉर्निंग के लेजीनेस को जरा भी इग्नोर ना करें। इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं।

Winter Blues : सिर्फ आलस नहीं, शरीर के अंदर हो रहे हार्मोन बदलाव की वजह से बढ़ती है नींद

 

हार्मोनल बदलाव सर्दियों की सुबह बनता है आलस्य का कारण

ठंडी में सुबह-सुबह अगर बहुत ज्यादा नींद आ रही है तो इसके पीछे हार्मोनल बदलाव भी हो सकते हैं। मेलाटोनिन बढ़ने लगे तब भी मॉर्निंग में बहुत नींद आती है। इसके साथ ही थायराइड की बीमारी का भी ये संकेत हो सकता है। ऐसा पीनियल ग्रंथि के कारण होता है। जो कि, हद से ज्यादा तनाव लेने की एक वजह मानी जाती है।

इस विटामिन की कमी से सुबह आती है बहुत नींद

सर्दियों में धूप कम निकलती है। जिसकी वजह से विटामिन D कम हो जाता है। ये शरीर को सुस्ती और थकान भरा महसूस कराता है। इसके साथ ही सेरोटोनिन का लेवल गिरने से भी बॉडी बहुत सुस्त और थकान को महसूस करती है।

शरीर का गिरता तापमान

वहीं, इसका एक कारण सोते समय शरीर का तापमान कम होना भी होता है। सर्दी में जब बॉडी का टेम्परेचर घटता है तो गर्म रजाई से निकलने का मन नहीं करता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण सुबह होती है थकावट

सुबह की सुस्ती सिर्फ आलस्य नहीं है बल्कि ये बीमारी का संकेत भी है। इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण भी ऐसा होता है। जब खून में शुगर लेवल बिगड़ने लगता है तो शरीर को ऊर्जा नहीं मिल पाती है। जिसकी वजह से वो बहुत बीमार और अनहेल्दी फील करता है।

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर भी है कारण

सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर भी इसका एक कारण माना जाता है। ये बीमारी शरीर को कम धूप मिलने के कारण हाइपरसोम्निया से होती है। जिसकी वजह से बहुत अधिक थकावट और हद से ज्यादा खाने की क्रेविंग होने लगती है।

नोट: अगर आपको लंबे समय तक सुबह की थकावट और हद से ज्यादा नींद आती है तो एक बार डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

 

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