Diabetes: प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस को 13 की उम्र में डायबिटीज का पता चला था लेकिन इसमें कोई भी रुकावट नहीं रही। इस बारे में प्रियंका चोपड़ा जिक्र करती हुई दिखी। दरअसल डायबिटीज को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाते हुए वह भारत में बढ़ रहे बीमारी के खतरे को लेकर अक्सर बात करती हुई दिखाई देती है। इस दौरान लोगों को वह सभी संसाधन उपलब्ध करा रही है जिससे उनकी मदद मिल सके। इस नॉन प्रॉफिट संस्था में उनके पति निक जोनस उनका साथ दे रहे हैं। इस बीमारी को लेकर लोगों में कई तरह की बातें बनाई जाती है। जिसमें मीठा कम खाना भी एक है लेकिन इसकी सच्चाई को लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है आइए जानते हैं।
Diabetes को लेकर प्रियंका चोपड़ा है भारत के लिए जुनूनी
क्या आप भी डायबिटीज में मीठा कम करने को परफेक्ट डाइट मानते हैं। अगर हां तो इसे लेकर डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने बताया कि मीठा कम को ज्यादा तवज्जो दे या हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाने को ना खाना डायबिटीज के मरीजों को जरूरी है। टाइप 1 डायबिटीज के मामले में दूसरे देशों से ज्यादा रिस्क पर भारत है जहां बच्चों और किशोर की संख्या ज्यादा है। प्रियंका चोपड़ा का कहना है कि डायबिटीज से डरने की जरूरत नहीं है आप इसे आसानी से मात दे सकते हैं।
क्या मीठा कम खाना है डायबिटीज डाइट में जरूरी
वहीं डॉ प्रियंका ने कहा कि पहले आपको ग्लाईसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड के बारे में जानना जरूरी है। इंडेक्स आपका शुगर स्पाइक कितनी तेजी से बढ़ रहा है जब आप किसी फूड आइटम्स को खा रहे हैं तो ग्लाइसेमिक लोड आपको यह बताता है कि एक खास प्रोडक्ट को खाने से आपका शुगर कितनी देर तक हाई रहेगा। ऐसे में डॉक्टर प्रियंका ने कहा है कि हाई ग्लाइसेमिक फूड आइटम से आपको दूर रहना चाहिए सिर्फ मीठा कम करने से नहीं होगा आपको व्हाइट राइस, व्हाइट ब्रेड, मैदा, तरबूज, अनानास, मिठाई, बेकरी, रिफाइंड अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी होगी।
ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ मीठा कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो शायद आप गलत है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
