Dry Eye Treatment: अगर इंस्टाग्राम रील देखते-देखते आपकी आंखें भी भयंकर दर्द करने लगी हैं तो डॉक्टर के पास जाने से पहले इस देसी तरीके को आजमा सकते हैं। इससे तुरंत आराम मिलेगा। फोन हो या फिर लैपटॉप स्क्रीन हर आयु वर्ग के लोगों का स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण आंखों में जलन, पानी निकला और भयंकर दर्द जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। अगर आप भी इससे जूझ रहे हैं तो डॉक्टर के पास जाने से पहले पुराने जमाने के इस देसी इलाज को अपना सकते हैं। इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है।
Dry Eye Treatment: आंखों के दर्द से राहत देगा देसी घी
जानें माने हेल्थ एक्सपर्ट आंखों में घी डालने की सलाह दे रहे हैं। ड्राई आई के लिए उन्होंने एक वीडियो बनाया है। जिसे FitTuberHindi नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है। इसमें वो ड्राई आई का सबसे बेस्ट इलाज देसी घी बता रहे हैं।
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वीडियो क्रेडिट: FitTuberHindi
उनका कहना है कि, अगर देसी घी को पिघलाकर आईड्रोप की तरह आंखों में डाला जाए तो ये आंखों में नमी वापस ला सकता है। ये किसी भी आई ड्रोप में मिलने वाले लुब्रिकेशन से भी बेस्ट होता है।देसी घी में प्राकृतिक लुब्रिकेशन होता है। जिसके कारण ये आंखों के दर्द में तुरंत राहत देता है। घी में मौजूद फैटी एसिड आंखों की सतह पर नमी बनाए रखता है। घी की ठंडी तासीर आंखों को राहत देती है। इसके साथ ही देसी घी को भोजन के साथ भी खा सकते हैं। इसमें देसी घी में विटामिन A, D, E K और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
शुद्ध देसी घी का कैसे करें आंखों में इस्तेमाल?
घी को आंखों में आप पिघलाकर आई ड्रोप की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही शुद्ध देसी घी से पलकों की मालिश हल्के हाथ से भी कर सकते हैं। पुराने जमाने में आखों के आस-पास उड़क के आटे को चिपकाकर बेहद गुनगुना देसी घी आंखों में डाला जाता था। इसलिए आप भी इसका इस्तेमाल कर सके हैं। आंखों में घी रात को सोने से पहले क्लीन करके डालना है।
डॉक्टर की सलाह
आंखों में शुद्ध देसी घी ही डालें। इसमें अगर थोड़ी भी मिलावट होगी तो ये भयंकर नुकसान कर सकता है। आंखों में घी डालने से पहले किसी आंख रोग विशेषज्ञ से जरुर सलाह लें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
