Green Peas vs Chickpeas: प्रोटीन आम इंसान से लेकर जिम जाने वालों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। यही वजह है कि, प्रोटीन पाने के लिए वो तमाम तरह के भोज्य पदार्थों का उपयोग करते हैं। चने को प्रोटीन का एक बेहद महत्वपूर्ण स्त्रोत माना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है? हरी मटर में भी भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। सर्दियों में मटर का काफी यूज होता है। लेकिन क्या आपको पता है? हरी मटर या फिर चने किसमें ज्यादा प्रोटीन होता है?
हरी मटर खाने के फायदे
सर्दियों में खाई जाने वाली हरी में प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। मटर सबसे ज्यादा फायदेमंद डायबिटीज, हार्ट प्रोब्लम, हड्डियों और पेट के लिए होती है। नियमित रुप से अगर इसका सेवन किया जाए तो वजन घटाया जा सकता है। इसके साथ ही ये त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स शुगर के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मटर का इस्तेमाल सूखा और हरा दोनों रुप में किया जाता है।
चने में मौजूद पोषक तत्व
चना प्रोटीन का एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, जिंक, मैंगनीज और आयरन बहुत अधिक होता है। यही वजह है कि, स्पोट्स के खिलाड़ियों को इसके सेवन की सलाह दी जाती है। चने का इस्तेमाल अगर डायबिटीज, हड्डियों की बीमारी, हार्ट प्रोब्लम , वजन घटाने से लेकर एनीमिया के लिए काफी अच्छा माना जाता है। ये पाचन के लिए भी अच्छा होता है। चने को सूखा या फिर हरा किसी भी रुप में खाया जाए तो ये काफी हेल्दी होता है।
Green Peas vs Chickpeas प्रोटीन में कौन निकला आगे?
चना और हरी मटर दोनों ही प्रोटीन के बहुत ही अच्छे स्त्रोत हैं। लेकिन अगर प्रोटीन की बात करें तो 100 ग्राम चने में 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। वहीं, 100 मटर में 6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसीलिए चना प्रोटीन से ज्यादा भरा हुआ है। आप अपने स्वाद के हिसाब से किसी का भी सेवन कर सकते हैं। मटर और चना शरीर को बहुत ज्यादा लाभ पहुंचाते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
