Health Tips: बूढ़े माता- पिता को रखना है सुरक्षित तो ये 5 टेस्ट जरूर कराये, हमेशा रहेंगे स्वस्थ

Health Tips: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बीमारियां होने लगती हैं. इन्हें रोकने के लिए कुछ टेस्ट कराने चाहिए. इससे गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है.

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Health Tips: बढ़ती उम्र के साथ शरीर गंभीर बीमिरयों के घिरता चला जाता है. ऐसे में अगर सही समय पर जांच ना कराई जाए तो जानलेवा साबित हो सकता है. इसीलिए डॉक्टर प्रियंका सेहरावत 5 ऐसे टेस्ट बता रही हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों की जान बचा सकते है. डॉक्टर प्रियंका सेहरावत एक बेहद प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन  हैं. वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स  पर अच्छी हेल्थ की टिप्स देती हैं.डॉक्टर प्रियंका सेहरावत के अनुसार, माता-पिता की सेहत का ख्याल रखने के लिए ये 5 बेहद जरूरी काम हर बच्चे को करने चाहिए.

हड्डियों की जांच

डॉक्टर का कहना है कि, उम्र बढ़ने के साथ माता-पिता की हड्डियां कमजोर और खोखली होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है. इसके लिए डॉक्टरों की सलाह पर बोन मिनरल डेंसिटी या डेक्सा स्कैन जरूर करवाएं ताकि हड्डियों की कमजोरी का समय पर पता चल सके.

स्किन टेस्ट

शिंगल्स यानी की दाद एक दर्दनाक त्वचा का संक्रमण है, जो उम्रदराज लोगों में नसों के गंभीर दर्द का कारण बन सकता है. माता-पिता को इस असहनीय दर्द और बीमारी से बचाने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर शिंगल्स की वैक्सीन टीका जरूर लगवाएं.

हाई ब्लड प्रेशर का टेस्ट

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते, लेकिन यह सीधे हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक की वजह बन सकता है. घर पर एक डिजिटल मशीन रखें और नियमित रूप से माता-पिता का बीपी चेक करते रहें.

शुगर का टेस्ट

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इंसुलिन का स्तर असंतुलित हो सकता है. खून में ग्लूकोज की मात्रा अनियंत्रित होने से किडनी, आंखों और नसों को भारी नुकसान पहुंचता है. इसलिए फास्टिंग, खाने के बाद और HbA1c टेस्ट के जरिए उनकी शुगर की नियमित निगरानी करें.

दिमागी जांच कराएं

अक्सर लोग बुढ़ापे में बात-बात पर भूलने की आदत को सामान्य मान लेते हैं, जबकि यह डिमेंशिया या अल्जाइमर जैसी गंभीर दिमागी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है. अगर माता-पिता को चीजें याद रखने, रास्ता भूलने या व्यवहार में बदलाव जैसी समस्या हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से दिमागी जांच  करवाएं.

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