Health Tips: शरीर जब गंभीर बीमारी से घिरता है को शुरुआत में बहुत ही कम लक्षण दिखते हैं।लेकिन बॉडी के कुछ पार्ट समय पर इशारा करते हैं। अगर आपके पैरों में अचानक से बदलाव दिखने लगे हैं तो , ये कुछ बड़ी बीमारियों का संकेत हो सकते हैं। इसकी जानकारी एम्स की फेमस न्यूरोलॉजिस्ट प्रियंका सेहरावत दे रही हैं। उनके द्वारा बताए जा रहे लक्षण अगर आपकी बॉडी में भी दिख रहे हैं तो सावधान हो जाएं और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
Health Tips: पैरों में सूजन का आना
एम्स की डॉक्टर प्रियंका सेहरावत का कहना है कि, पैरों में सूजन आना कभी भी सामान्य नहीं होता है। किडनी या लिवर की बीमारी के लक्षण होते हैं। शरीर से टॉक्सिन्स बाहर न निकल पाने के कारण पैरों में लिक्विड जमा सूजन पैदा करता है। वहीं, हार्ट हेल्थ, थायरॉइड, एनीमिया और दवाइयों के साइड इफेक्ट्स में भी ये पैरों मे सीजन आता है।
पैरों में झुनझुनी होना और जलन का होना
पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन या जलन भी कंट्रोल से बाहर को चुकी डायबिटीज के लक्षण होता है। ब्लड शुगर के कारण नसों के डैमेज होने पर ऐसा होता है। पैरों में अचानक से आयी कमजोरी इसी का लक्षण है।
रात में पैरों में भयंकर बेचैनी
अगर आपको भी रात के समय पैरों में बेचैनी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि ये रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होता है। जिसके कारण पैरों में भयंकर बेचैनी होती है।
पैरों का हमेशा ठंडा रहना
इसी तरह जिन लोगों के पैरों का हमेशा ठंडे रहते हैं और घाव नहीं भरता है तो ये खराब ब्लड सर्कुलेशन का बड़ा लक्षण है। इस दौरान अगर घाव भी नहीं भर रहा है तो बहुत चांस है कि, डायबिटीज बढ़ चुकी है।
नसों का सूजना
अगर आपके पैर लंबे समय तक लटके रहते हैं तो वैरिकोज वेन्स के कारण होता है। इसीलिए पैरों को सहारे देकर बैठे। इससे लाभ मिलेगा।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
