Health Tips : बच्चों में सिर दर्द की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। अगर आपके बच्चे के साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो एम्स दिल्ली की पूर्व न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सेहरावत के द्वारा बताए गए कारण और उपाय को जानें और अपने बच्चों की हेल्थ को बचाएं। डॉक्टर प्रियंका सेहरावत का कहना है कि, आज के समय में 14-15 साल तक के बच्चों और छोटे बच्चों में सिरदर्द और माइग्रेन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि माता-पिता द्वारा बच्चों की लाइफस्टाइल में की जाने वाली अनजानी गलतियां हैं। पेरेंट्स अक्सर प्यार या ढिलाई के चक्कर में बच्चों की आदतों को बिगाड़ देते हैं, जिससे उनके दिमाग और नसों पर बुरा असर पड़ता है।
Health Tips : बच्चों को बढ़ते स्क्रीन टाइम से बचें
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, पेरेंट्स बच्चों को रोने से रोकने के लिए रोजाना 2 घंटे या उससे ज्यादा मोबाइल या टीवी देखने देते हैं। इससे आंखों पर दबाव पड़ता है, नींद बिगड़ती है और सिरदर्द ट्रिगर होता है। इसीलिए बच्चों को ये चीजें नहीं करने देना चाहिए। इनकी जगह घर के अंदर या बाहर कोई गेम खिला सकते हैं।
बच्चों को खालीपेट नहीं रखना चाहिए
उनका कहना है कि,सुबह की जल्दबाजी में कई माता-पिता बच्चों को बिना नाश्ता कराए या खाली पेट स्कूल भेज देते हैं। लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर गिरता है, जिससे गंभीर सिरदर्द और चिड़चिड़ापन होता है। इसीलिए बच्चों के कुछ हेल्थी खिलाकर भएजना चाहिए।
आउटडोर गेम और एक्सरसाइज की कमी
काफी माता-पिचा बच्चों के लिए कोई फिक्स आउटडोर रूटीन या एक्सरसाइज नहीं रखते हैं।हर वक्त घर के अंदर बंद रहने और शारीरिक सक्रियता न होने से बच्चों में मोटापा, हार्मोनल असंतुलन और माइग्रेन का खतरा बढ़ता है। इसीलिए इन चीजों से बचना चाहिए।
डाइट में मैग्नीशियम और विटामिन-D बढ़ाएं
डॉक्टर प्रियंका सेहरावत का कहना है कि, बच्चों की डाइट में मैग्नीशियम और विटामिन-D जैसे जरूरी तत्वों पर ध्यान न देना है। विटामिन-D की कमी बच्चों में माइग्रेन के दौरों को सीधे बढ़ावा देती है।
