Heart Attack: दिन के मुकाबले रात में हार्ट अटैक आने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं. इसके पीछे बेहद महत्वपूर्ण कारण हैं. अगर आप भी दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं तो देश के जाने-माने डॉक्टर बिमल छाजेड़ बता रहे हैं. इसके साथ ही वो इसका उपाय भी बता रहे हैं. आपको बता दें, रात के समय में स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है। जिसकी वजह से इसकी संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं.
Heart Attack रात में आने के कारण
डॉक्टर बिमल छाजेड़ का कहना है कि, हार्ट अटैक को हमारे मेडिकल भाषा में मायोकारार्डियल इनफेक्शन बोलते हैं. यह कभी भी हो सकता है . दिल की धमनियों में हुई ब्लॉकेज के ऊपर का जो मेंब्रेन होती है वो स्ट्रेच होकर फट जाती है और जिस दिन फटा वहां से जो मलवा निकलता है वो ब्लड के संग मिक्स होता है और ब्लड को क्लॉट कर जाता है .
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वीडियो क्रेडिट:SAAOL Heart Center
जिसके कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं. हमारे बॉडी में रिदमम होती है जिसको बोलते हैं सरकेडियन रिदमम. ये हमारा बायोलॉजिकल क्लॉक है. अर्ली मॉर्निंग को 3:00 से 4:00 बजे या 12:00 बजे के बाद यह ब्लड प्रेशर डीप करती है। इससे हार्ट रेट बढ़ जाता है. इसीलिए अर्ली मॉर्निंग या लेट नाइट को हार्ट अटैक ज्यादा होता है. क्योंकि ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम की एक्टिविटी बढ़ जाती है. अगर आपका स्लीपिंग पैटर्न बहुत उल्टा है तो यह ज्यादा होने के चांस है. जिनको स्लीप एपनिया है, जिनको नींद रात को नहीं आती है उनको भी हार्ट अटैक जल्दी होने के चांसेस हैं.
हार्ट अटैक कैसे पहचानें?
अगर बहुत फास्ट फूड और तेn-मसाले वाला खाना खाते हो तो हार्ट अटैक के पूरे चांसेस होते हैं. हार्ट का पेशेंट कभी भी रात को बोले मुझे दिक्कत हो रही है , छाती में दर्द हो रहा है या सांस फूल रहा है या पसीना हो रहा है या वोमिटिंग हो रहा है तो कभी वेट नहीं करिएगा. उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाइए। हार्ट अटैक के वक्त उनकी डायग्नोसिस दो तरह से की जाती है. एक होता है ईसीजी जिसमें एसटी एलिवेशन होता है और दूसरा होता है ट्रोपटी टेस्ट. इससे हार्ट अटैक है या नहीं है यह पता चलता है.
दिल की बीमारी से कैसे बचें
हार्ट अटैक से बचने के लिए लाइफ स्टाइल को ठीक रखिए। बिना तेल का खाना खाइए। नॉनवेज को अवॉइड कीजिए. बहुत हाई शुगर, बहुत हाई फैट यह सारे खाने को आपको कंट्रोल करने हैं. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखिए और कोलेस्ट्रॉल ट्राइग्लिसाइड चेक करते रहें और उसको भी जरूर कंट्रोल रखें.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






