Heart Health : दिल शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। ये पूरी बॉडी को ब्लड पहुंचाता है। हार्ट एक पंप की तरह काम करता है। यही वजह है कि, दिल की बीमारी होने पर पूरा शरीर प्रभावित होता है। स्थिति बिगड़ने पर मरीज की मौत तक हो जाती है। हार्ट की जानलेवा बीमारियों में हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर है।दिल की हेल्थ लाइफ स्टाइल से आधारित होती है। इसको बीमारियां धीरे-धीरे घेरती हैं। धमनियों में रुकावट और मांसपेशियों का कमजोर होने से मरीज इन बीमारियों में ग्रस्त हो जाता है। दिल को खराब करने में सबसे बड़े कारण तेल , चीनी, सैचुरेटेड फैट, कोलेस्ट्रॉल , मोटापा और डायबिटीज हैं। लेकिन डॉक्टर के द्वारा 4 ऐसी चीजें बताई जा रही हैं। अगर ये रोज की जाएं तो मरीज गंभीर बीमारियों से घिर जाता है।
Heart Health के लिए तनाव है जानलेवा
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, तनाव हार्ट हेल्थ को बहुत खराब करता है। तनाव के दौरान शरीर कोर्टिसोल और एड्रिनलीन हार्मोन्स छोड़ता है।
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जिसके कारण रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती है। ये बल्ड प्रेशर को बढ़ाता या फिर घटा देता है। इससे खून का धक्का जम जात है और धमनियों में सूजन आ जाता है। ये हार्ट अटैक के कारण बनते हैं।
अधूरी नींद दिल को करती है खराब
जो लोग नियमित रुप से नींद नहीं लेते हैं। उन्हें भी हार्ट की बीमारियां घेरने लगती है। नींद पूरी ना होने पर शरीर स्ट्रेस मोड में चला जाता है। ये शरीर में C-रिएक्टिव प्रोटीन को बढ़ा देता है। जिससे धमनियों में चर्बी जमना शुरु हो जाती है। स्लीप एपनिया होने पर स्ट्रोक का खबरा बढ़ जाता है। इसीलिए 8 से 9 घंटे की नींद जरुर लेनी चाहिए।
योगा या फिर एक्सरसाइज ना करना
जो लोग योगा या फिर एक्सरसाइज नहीं करते हैं। उनमें हार्ट की बीमारियां सबसे ज्यादा होती हैं। शरीर जब किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी नहीं करता है तो हार्ट को बॉडी के अन्य हिस्सों तक ब्लड पहुंचाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। जिसकी वजह से दिल की मांसपेशियों का कमजोर होने लगी हैं। इससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। एक्सरसाइज ना करने पर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जमा हो जाता है। ये ब्लॉकेज का कारण बनता है।
मोटापा देता है हार्ट बीमारियों को दावत
शरीर में लगातार बढ़ता मोटापा दिल की बीमारियों को दावत देता है। बॉडी में चर्बी बढ़ने से दिल को ब्लड पंप करने में बहुत मेहनत करना पड़ती है। मोटापे के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाते हैं। ये ब्लड प्रेशर की बीमारी को जन्म देता है। इससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा तो बढ़ता ही है। इसके साथ ही सडन कार्डियक अरेस्ट की भी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






