Diabetes में दूध पीना सही या गलत? डॉक्टर से जानें

Diabetes: हेल्थ एक्सपर्ट के द्वारा डायबिटिज के मरीजों को दूध पीने को लेकर बयान दिया जा रहा है. उनका कहना है कि, दूध का सेवन इंसुलिन बनने में बाधा बन सकता है.

Diabetes

Picture Credit: Google

Diabetes : शुगर के मरीजों की सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि, वो क्या खाएं और क्या ना खाएं?  कई बार पोषक तत्वों से भरी हुई चीजों के अधिक सेवन करने से डायबिटिज का लेवल बढ़ जाता है. काफी लोग  दूध को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. उन्हें शुगर में इसे पीना या नहीं . अगर आपके घर में भी कोई मधुमेह का मरीज है तो उसे दूध पिलाने से पहले डॉक्टर के द्वारा बताए जा रही सलाह को जरुर जानें. हेल्थ एक्सपर्ट दूध और शुगर के मरीजों पर इसके पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बता रहे हैं.

Diabetes  के मरीज को क्या दूध पीना चाहिए?

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, बहुत लोग दूध को संपूर्ण भोजन मानते हैं, लेकिन ये इंसुलिन प्रतिरोध के थोड़ी अलग  है.

देखें वीडियो

दूध में मौजूद प्रोटीन और बायोएक्टिव यौगिक आईजीएफ-1 यानि की इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर-1 को उत्तेजित कर सकते हैं, जो इंसुलिन सिग्नलिंग और मेटाबोलिक को प्रभावित करता है. डायबिटीज सिर्फ शुगर की बीमारी नहीं है, बल्कि उच्च इंसुलिन, इंसुलिन प्रतिरोध और मेटाबोलिक डिसफंक्शन की बीमारी है. इसीलिए डॉक्टर के द्वारा डायबिटिज के मरीजों को दूध ना पीने की सलाह दी जा रही है.

दूध के सेवन पर क्या कहते हैं? अन्य हेल्थ एक्सपर्ट

डायबिटीज में दूध पीना बिल्कुल सुरक्षित है . अगर ये सीमित मात्रा में पिया जाए. दूध का ग्लाइसेमिक इंडेक्स  कम होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को अचानक से तेजी से नहीं बढ़ाता है. हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि, डायबिटिज के मरीजों को हमेशा लो-फैट दूध, फुल-क्रीम फ्री और बिना किसी मीठी चीज को मिलाए पीना चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि, सुबह के वक्त डायबिटीज के मरीजों को दूध पीना चाहिए. पूरे दिन में आधा लीटर तक दूध पिया जा सकता है. लेकिन दूध का सेवन करने ले पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

Exit mobile version