Health Tips: पेट की अनेक बीमारियों का इलाज है ये 1 चीज, निहार मुंह करें सेवन

Health Tips: पेट और पाचन की समस्या से जूझ रहे लोगों को खास तरह की ड्रिंक पीनी चाहिए। इससे उन्हें फायदा मिलता है। जानें कब सेवन करने से फायदा मिलता है?

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Health Tips:  अगर आपका पेट अकसर खराब रहता है या फिर दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। तो ऐसे लोगों के लिए प्रसिद्ध आयुर्वेद गुरु आचार्य मनीष के द्वारा एक खास तरह का  नुस्खा बताया जा रहा है। जिसे आजमाकर पेट की अनेक प्रकार की समस्याओं से राहत पायी जा सकती है। वो एक हर्बल टी के सेवन के लिए कह रहे हैं।यह हर्बल चाय अपने पाचन गुणों के कारण पेट की समस्याओं को दूर करती है। इसके सभी तत्व मिलकर पेट को शांत करते हैं और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं। जिसके कारण कब्ज, अपच और दर्द जैसी समस्याएं कम होती हैं।

Health Tips:  पाचन ठीक करने के लिए किन चीजों का करें सेवन?

आचार्य मनीष का कहना है कि,  सौंफ और इलायची आंतों में फंसी गैस को बाहर निकालकर पेट फूलने की समस्या को तुरंत ठीक करते हैं।

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वहीं, लौंग पाचन तंत्र का मजबूत करती है। इसके साथ ही तुलसी पेट में बढ़े हुए एसिड को कम करती है। गुड़ पेट के पाचक एंजाइमों को संतुलित करता है।लौंग और तुलसी में मजबूत एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, ये पेट को बैक्टीरिया से बचाते हैं।

इलाइची, लौंग, तुलसी, गुड़ और सौंफ की चाय कैसे फायदा करती है?

इलाइची, लौंग, तुलसी, गुड़ और सौंफ की चाय बनाना बेहद आसान है। इसे रोज सुबह झटपट बना सकते हैं। इसके लिए, एक कप पानी में कुचली हुई इलायची, लौंग, तुलसी के पत्ते और सौंफ डालकर 5 मिनट उबालें। फिर गैस बंद करके गुड़ मिलाएं और चाय को छानकर गरमा-गरम पिएं। इसमें दूध का बिल्कुल भी इस्तेमाल ना करें, तभी ये बॉडी को डिटॉक्स करेगी। इस चाय को पीने के 30 मिनट बाद ही नाश्ता करें। तभी ये फायदा करेगी। ये उन लोगों के लिए वरदान है जिनका, पेट गैसे और भारीपन से परेशान रहता है। इसके साथ ही खट्टी डकार और एसिडिटी और धीमी पाचन क्रिया के लोग इसे खा सकते हैं। इस चाय का सेवन दिन में दो बार किया जा सकता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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