Nipah Virus: अचानक से निपाह वायरल चर्चा में आ गया है। इसका सबसे बड़ा कारण पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ते मामले हैं। खबरों की मानें तो यहां पर सबसे ज्यादा निपाह वायरल के मामले सामने आ गए हैं। जिसकी वजह से बंगाल हाई अलर्ट पर है। इस जानलेवा महामारी को अगर समय पर ना पहचानकर इलाज किया जाए तो जान तक जा सकती है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि, ये कोरोना वायरल से तेजी से फैलता है और उससे ज्यादा जानलेवा है भी है। इसके मरीज के दिमाग में सूजन आ जाता है और दौरे पड़ने के बाद मरीज कोमा तक में जा सकता है। जिसकी वजह से उसकी मौत तक हो सकती है।
Nipah Virus के लक्षण और कारण
निपाह वायरस के लक्षण बेहद सामान्य होते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, खांसी, सांस लेने में परेशानी , उल्टी, मतली , थकान , बेहोशी और दौड़े पड़ना है। अगर ये लक्षण दो हफ्तों से 45 दिनों तक रहते हैं तो जानलेवा हो सकते हैं। इस वायरस में मरीज के मरने के चांस से 40 से 75 फीसदी तक हैं। ये एक संक्रमित बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। इसी लिए सुअर, चमगादड़ और कुत्ते से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके फैलने का जरिए थूक, छींक , मल-मूत्र है। इसके साथ ही निपाहल वायरल से पीड़ित लोगों का जूठा नहीं खाना चाहिए।
निपाह वायरस का क्या है इलाज?
निपाह वायरस के पीड़ितों के संपर्क में आने से पहले सावधानियां बरतें। मास्क और दस्ताने पहनें। इसके साथ ही हाथों को अच्छे से क्लीन करें। इस जानलेवा वायरल की कोई दवा और टीका नहीं है। इसीलिए बचाव और सतर्कता ही इसका इलाज है। निपाह के मरीज की देखभाल ही इसका सटीक इलाज मानी जाती है। मरीज को उसके लक्षणों के आधार पर इलाज दिया जाता है। इसीलिए इसकी मृत्यु दर कोरोना वायरस से बहुत ज्यादा है।
