Gwalior Video: गाड़ी में बैठते ही आदमी को पड़ा हार्ट अटैक, जानें फिर कैसे बिना डॉक्टर और दवाई के बची जान? आप भी जान लें तरीका

Gwalior Video: सोशल मीडिया पर पेट्रोल भरवाते हुए अचानक से हार्ट अटैक का शिकार हुए आदमी का वीडियो वायरल हो रहा है। लेकिन जिस तरह से उसकी जान बचाई गई वो सभी को जरुर पता होना चाहिए। ये घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर की है।

Gwalior Video:  चलते-फिरते हेल्दी लोगों को हार्ट अटैक आने के मामले बढ़ रहे हैं। अचानक होने वाली मौतों ने खौंफ पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर आए दिन साइलेंट हार्ट अटैक की वीडियो वायरल होते रहते हैं। जिन्हें देखने के बाद सवाल भी उठते हैँ। वहीं, कुछ मामलों में अगर समय पर सीपीआर दिया जाता है तो जान भी बच जाती है। इसी तरह की घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आयी है। यहां पर एक आदमी गाड़ी में तेल भरवाने पेट्रोल पंप पर गया था। वो जैसे ही गाड़ी में बैठता है वैसे ही उसे हार्ट अटैक आ जाता है और वो गिर जाता है। लेकिन समय पर इमरजेंसी इलाज मिलने के बाद उसकी जान बच जाती है। इसीलिए सीपीआर की जानकारी सभी को होना  बेहद जरुरी है।

Gwalior Video:  क्या  हुआ जब आदमी को अचानक आया हार्ट अटैक?

ग्वालियर से आया ये वायरल वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर Narendra Nath Mishra नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘अचानक व्यक्ति गिरा।हार्ट अटैक के कारण बेसुध हो गया। वहाँ जानकार लोगों ने सीपीआर देकर जान बचा दी। जिस तरीके से अचानक मौत की घटना बढ़ी है और कम उम्र के लोग इसके शिकार हुए,एहतियात उपाय सीखने की ज़रूरत है। घटना ग्वालियर, मध्य प्रदेश से!’  पीड़ित की जान 55 सेकंड का सीपी आर देकर बचा ली गई है।

देखें वीडियो

ये घटना नेशनल हाईवे नंबर-44 पर झांसी-ग्वालियर मार्ग की है। वहीं, पीड़ित का नाम श्री राम है। जिस व्यक्ति ने उनकी जान बचाई उसका नाम अरमान खान है। अरमान पेट्रोल पंप का कर्मचारी है। ये घटना सोमवार की शाम 4 बजे की है। ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी जो कि, अब वायरल हो रही है।

सीपीआर से कैसे बचाएं जान?

सीपीआर की फुल फॉर्म कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है। ये एक इमरजेंसी सेवा है जो कि, कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के दौरान दी जाती है। इमरजेंसी में अगर सही से सीपीआर दे दिया जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर छाती को दबाकर दिया जाता है। जिसकी वजह से दिल धड़कना शुरु कर देता है। इसके साथ सांस वापस आ जाती है। छाती पर जब दबाव पड़ता है तो ऑक्सीजन दिमाग तक जाता है। जिससे बचने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम 30 बार छाती को दबाना है और फिर मुंह से सांस भी देनी है। स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर 112 इमरजेंसी नंबर पर कॉल करके मदद ले सकते हैं।  लगातार बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को देखते हुए सीपीआर  सभी को देना सीखना चाहिए।

 

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