Karishma Tanna: 42 की उम्र में करिश्मा की तरह बन रही हैं मां तो इन 5 बातों का रखें खास ध्यान, नहीं होगी कोई परेशानी

Karishma Tanna: टीवी एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना 42 साल की उम्र में मां बनने जा रही हैं। अगस्त के महीने में उनके घर में नन्हा मेहमान आएगा। लेकिन क्या आपको पता है? इस उम्र में मां बनना कितना चुनौती भरा होता है? यहां जानें किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए ध्यान।

Karishma Tanna

Picture Credit: Google

Karishma Tanna: टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने अभी हालहि में अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर फैंस को बताया है। शादी के 10 साल बाद वो मां बनने वाली हैं। लेकिन इस बीच टीवी की एक और खूबसूरत एक्ट्रेस ने प्रग्नेंसी का एलान किया है। करिश्मा तन्ना ने 5 फरवरी 2022 को बिजनेसमैन वरुण बंगेरा से शादी की थी। अब उन्होंने 4 साल बाद फैंस को बताया है कि, वो दो से तीन होने वाले हैं। 40 के बाद प्रेग्नेंट होने में महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं। इन्हीं से बचने के लिए डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली इन 5 सलाह के बारे में जरुर जान लें।

1-अच्छी डाइट और एक्सरसाइज

40 के बाद अगर कोई महिला मां बनने वाली है तो उसे अपने भोजन का खास ध्यान रखना पड़ता है। क्योंकि इस आयु में बॉडी के अंदर से पोषक तत्व खत्म होने लगते हैं।

देखें पोस्ट

इसीलिए खास डाइट का ध्यान रखना बेहद जरुरी होती है। इस दौरान गर्भपात से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह से फोोलिक एसिड, कैल्शियम और आयरन जैसे सप्लीमेंट्स जरुर लेना चाहिए। रोजाना डॉक्टर की सलाह पर हल्की एक्सरसाइज जरुर करना चाहिए।

2-डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का रखें ध्यान

बढ़ती उम्र में मां बनना काफी जोखिम भरा होता है। इसीलिए रोजाना मेडिकल चेकअप और स्क्रीनिंग होना बेहद जरुरी होता है। इसमें डॉक्टर के द्वारा जेस्टेशनल डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को देखा जाता है। क्योंकि इस उम्र में शुगर और बीपी की समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसीलिए डॉक्टर के कहने पर जेनेटिक स्क्रीनिंग या एनआईपीटी जरुर कराएं।

3-स्टिलबर्थ से बचने के लिए क्या करें?

अगर कोई महिला 42 साल में मां बन रही हैं तो बच्चे की जान को काफी खतरा होता है। प्रेग्नेंसी के 40वें हफ्ते में स्टिलबर्थ के बहुत केस सामने आते हैं। इसीलिए प्रेग्नेंट महिला को प्रसव पीड़ा बहुत जल्दी होना शुरु हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो इसे बिल्कुल भी हल्के में ना लें। क्योंकि  हेल्थ कारणों के कारण अकसर डॉक्टर्स को प्री-मैच्योर डिलीवरी और सिजेरियन सेक्शन करवाना पड़ सकता है।

4-थायरॉइड का टेस्ट कराएं

जब भी कोई महिला 40 की उम्र में मां बनती है तो उसे थायरॉइड की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इसीलिए प्रेग्वेंसी के दौरान हर दो या फिर 3 महीने में डॉक्टर की सलाह पर थायरॉइड की जांच जरुर कराएं। क्योंकि जरा सी लापरवाही बच्चे को मानसिक रुप से बीमार कर सकती है।

5-तनाव और अनिंद्रा से बचें

इस उम्र में मां बनाने वाली औरतों को तनाव और अनिंद्रा से बचना चाहिए। क्योंकि तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो बच्चे के लिए ठीक नहीं है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Exit mobile version