Diabetes Control: दुनिया की आधी आबादी की समस्या शुगर की बीमारी है। पहले ये ज्यादा उम्र के लोगों को होती है थी लेकिन अब हर आयु वर्ग के लोगों में देखने को मिल रही है। कई बार दवाएं औप परहेज के बाद भी डायबिटिज कंट्रोल नहीं होता है। जिसके कारण मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। डायबिटिज से निबटने के लिए डॉक्टर सलीम जैदी के द्वारा देसी उपाय बताया जा रहा है। उनका कहना है कि, अगर इसे जीवन में शामिल कर लिया जाए तो फायदा मिलता है।
1-Diabetes Control करने के लिए आटे में क्या मिलाएं?
डॉक्टर सलीम जैदी का कहना है कि, गेंहू के आटे का डायरेक्टर यूज नहीं करना चाहिए। इसके बदले आप आटे में रागी , बाजरा, जौ या फिर भूसी मिला सकते हैं।
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वीडियो क्रेडिट-Healthy Hamesha
इससे आटे में फाइबर बढ़ेगा और कार्बोहाइट्रेड कम होगा। इसके साथ ही मल्टीग्रेन आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं।गेहूं के आटे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसीलिए डायरेक्ट गेंहू का आटा खाने से बचें।
2-कैसे चावल खाएं?
अगर आपको चावल खान पसंद है तो इसका स्टार्च निकालकर उबले हुए चावलों का सेवन बहुत ही सीमित मात्रा में कर सकते हैं। इसके साथ ही इसमें प्रोटीन जैसे कि दाल, चना, राजमा और पनीर को डालकर खा सकते हैं। कोशिश करें अपनी डाइट में फाइबर वाली चीजों को मिलाएं। वहीं, शुगर कंट्रोल करने के लिए सब्जी और सैलेड को मिक्स करके खा सकते हैं।
3-डाइट में क्या रखें शुगर के मरीज?
डॉक्टर के द्वारा शुगर के मरीजों के लिए बेस्ट डाइट की थाली बताई जा रही है। उनका कहना है कि, थाली के अंदरआधा प्लेट नॉन स्टार्च सब्जी होनी चाहिए। जैसे कि लौकी, तोरी, टिंडा, भिंडी, घिया, गोभी, सलाद या खीरा वगैरह या फिर गाजर आदि। वहीं, एक चौथाई प्लेट में दाल, चना, राजमा, पनीर, तोफू, अंडा, चिकन या फिश और 1/4
प्लेट होनी चाहिए । इसके साथ ही कार्बोहाइड्रेट्स के लिए चावल या फिर रोटी दोनों में से एक चीज होनी चाहिए। खआने के बाद ग्लूकोमीटर से शुगरल लेवल समय-समय पर चेक करते रहें। इससे आपको डाइट से होने वाले फायदे के बारे में पता चलता रहेगा। डॉक्टर सलीम जैदी का कहना है कि, जितना कम रिफाइंड चीजें आप खाएंगे उतना ही ज्यादा बेहतर होगा। रोटी और चावल को अगर आप नहीं छोड़ना चाहते हैं तो इस रुटीन को आजमा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
