प्रेशर कुकर में क्या सीटी की आवाज है Cancer के लिए अलार्म, जानें दाल-चावल का लुत्फ उठाने से पहले एक्सपर्ट की सच्चाई और मिथ

Cancer: क्या प्रेशर कुकर में खाना बनाना आपके लिए रिस्की है और यह आपकी इम्यून सिस्टम के लिए खतरे की घंटी है। आइए जानते हैं इसलिए कल एक्सपर्ट ने क्या कहा है जो आपको जान देना जरूरी है।

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Photo Credit- Google Cancer

Cancer: दाल हो या चावल फटाफट पकाने के लिए हम भी प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते हैं। हर घर में धड़ल्ले से बिना सोचे खाना बनाया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी गलती क्या है। प्रेशर कुकर में दाल चावल नहीं बल्कि जहर पक रही है। आइए जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट ने क्या कहा है जो निश्चित तौर पर आपको हैरान कर सकता है। क्या इसमें बना हुआ खाना आपके लिए कैंसर जैसे रिस्क को पैदा करने के लिए काफी है। कुकर में खाना बनाने के समय कैंसर से बचने के लिए क्या करें। आइए जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट ने क्या कहा है। आखिर क्या है सच्चाई।

प्रेशर कुकर में बना हुआ खाना क्यों है रिस्की

डॉ तरंग कृष्ण इस वीडियो में कहते हैं कि आप अपना खाना नहीं जहर बना रहे हैं। कभी प्रेशर कुकर को पलट कर आपने देखा है अगर आपका यह बर्तन अल्युमिनियम का है तो यह आपके हेल्थ पर प्रेशर डाल रहा है। दाल, चावल, सब्जी जब भी बना रहे हैं यह कुकर में तो बनता है लेकिन हम लोग अक्सर सोचते हैं कि क्या यह बर्तन पोषक तत्व को मार रहा है। ऐसे में कैंसर जैसे बीमारी को खत्म करने वाले पोषक तत्व क्या खत्म हो रहे हैं। अगर आप सब्जियों को डीप फ्राई कर रहे हैं तो इसका पोषक तत्व जाहिर तौर पर खत्म हो रहा है।

Cancer से बचाव के लिए कुकर का क्या है नियम

प्रेशर कुकर पूरी तरह से हानिकारक नहीं है। रिसर्च ने यह भी कहा है कि बॉयल खाने से ज्यादा पोषक तत्व देता है। अगर आप इसमें सब्जी बना रहे हैं तो आपको सिर्फ इस बात का ध्यान देना जरूरी है कि आप उसे कम समय तक पकाएं। ज्यादा सिटी लेने से जहां तक हो सके परहेज करें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कुकर आपके इम्यून सिस्टम के लिए रिस्की हो सकता है। यह अल्युमिनियम का नहीं होना चाहिए।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

 

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