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Kidney Failure: 5.6 क्रिएटिनन लेवल को बाबा रामदेव ने किया 0.8 , साइंटिस्ट ने बताया किडनी और जान कैसे बचाई?

Kidney Failure: क्रिएटिनन लेवल अगर एक सीमा से ज्यादा बढ़ जाए तो बेहद खतरनाक हो जाता है। इससे किडनी पूरी तरह से डैमेज होकर फेल हो जाती है। लेकिन योग गुरु बाबा रामदेव और एक सांइटिस्ट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वो कैमरे के सामने बता रहे हैं कि किस तरह से 5.6 क्रिएटिनन लेवल 0.8 किया है।

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By: Aarohi

Published: फ़रवरी 20, 2026 7:00 पूर्वाह्न

Kidney Failure
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Kidney Failure: किडनी शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है. ये खून को फिल्टर करके वेस्ट को अलग करती है और शरीर के अन्य हिस्सों तक भेजती है. लेकिन अगर किडनी में किसी तरह की परेशानी हो जाए तो हार्ट से लेकर दिमाग तक प्रभावित होता है. किडनी की समस्या क्रिएटिनन लेवल बढ़ने होती है. क्रिएटिनन लेवल  बढ़ने से रक्त फिल्टर नहीं हो पाता है. जिसके कारण किडनी डैमेज होकर फेल हो जाती है. लेकिन क्रिएटिनन लेवल को कम करने का तरीका योग गुरु बाबा रामदेव बता रहे है.

Kidney Failure से बचने का तरीका योग गुरु बाबा रामदेव से जानें

क्रिएटिनन लेवल आदमियों और औरतों में अलग-अलग होता है. पुरुषों में  0.7 से 1.3 mg/dL तक सामन्य माना जाता है. वहीं.  महिलाओं  0.6 से 1.1 mg/dL  तक नॉर्मल होता है.

 

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लेकिन अगर ये बढ़ने लगे तो किडनी फेल हो जाती है. 5 तक क्रिएटिनन लेवल पहुंचने पर किडनी फेलियर हो जाता है. इसके साथ ही ट्रांसप्लांट तक की नौबत आ जाती है. लेकिन योग गुरु बाबा रामदेव ने एक साइंनटिस्ट का क्रिएटिनन लेवल पतंजलि की दवा और योग से 0.8 तक किया  है. इसके बारे में खुद पीड़ित बता रहा है.  इस वीडियो को खुद रामदेव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया है.

किडनी की बीमारी के पतंजलि की दवाएं

किडनी की समस्या को ठीक करने के लिए पतंजलि दिव्य रीनोग्रिट टैबलेट, वरुण, पुनर्नवा , गोखरू , पाषाण भेद , मूत्रवर्धक , पतंजलि दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ और विषहरण जैसी देसी दवाएं आती हैं. ये क्रिएटिनन लेवल के कम करती हैं. इन दवाओं के साथ कपाल भाति प्राणायाम जैसी तमाम  एक्सरसाइज करने को कहा जाता है. इसके साथ ही खीरा, करेला और टमाटर का जूस पीने और ज्यादा पानी के लिए कहा जाता है. इसके साथ प्रोटीन बिल्कुल बंद करना होता है.

क्रिएटिनन लेवल बढ़ने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे-

  1. पीड़ित के पैरों, टखनों, चेहरे , आंखों के नीचे सूजन आने लग जाती है.
  2. पेशाब का रंग बदलने लगता है.  इसके साथ ही झाग भी दिखते हैं.
  3. शरीर को बहुत ज्यादा थकावट महसूस होती है.
  4. भूख में कमी, उल्टी और खाने के पचने में परेशानी होती है.
  5. ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है और सीने में दर्द होता है.
  6. शरीर में खुजली और लाल निशान दिखने लगते हैं.

नोट- क्रिएटिनन लेवल बढ़ने पर अगर ज्यादा परेशानी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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Aarohi

आरोही डीएनपी इंडिया हिन्दी में देश, राजनीति , सहित कई कैटेगिरी पर लिखती हैं। लेकिन कुछ समय से आरोही अपनी विशेष रूचि के चलते ओटो और टेक जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई निफ्टू यूनिवर्सिटी से पूर्ण की है और लंबे समय से अलग-अलग विषयों की महत्वपूर्ण खबरें लोगों तक पहुंचा रही हैं।
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