Migraine Treatment: माइग्रेन का दर्द पीड़ित का सुकून छीन लेता है. सिर में तेज दर्द कई बार दवा से भी कम नहीं होता है.माइग्रेन दिमाग से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है. माइग्रेन का कारण तनाव, वींद की कमी, हार्मोनल बदलाव, खान और तेज धूप और कई बार तेज रोशनी हो सकती है.माइग्रेन के लिए डॉक्टर के द्वारा सीटी स्कैन और MRI स्कैन कराया जाता है. काफी लोगों का लंबे समय तक इलाज कराने के बाद भी राहत नहीं मिल पाती है. इसीलिए एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि,माइग्रेन का इंजेक्शन या दवा से तुरंत होने वाला परमानेंट इलाज नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली में बदलाव और ट्रिगर्स को रोकने से पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है.
Migraine Treatment कैसे कर सकते हैं?
डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि, नियमित भोजन का समय बनाएं .खाने का समय फिक्स रखें. खासकर नाश्ता कभी न छोड़ें. इसके साथ ही लंच और डिनर समय पर लें.दिन भर में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं . डिहाइड्रेशन माइग्रेन का बड़ा कारण है. खाली पेट चाय या कॉफी से बचें इसकी जगह नारियल पानी या कद्दू के बीज ले सकते हैं.
देखें वीडियो
इसके साथ ही अपने खाने में पनीर, दालें, अंडे या बादाम जैसी चीजें शामिल करें। चीनी और जंक फूड शराब माइग्रेन को ट्रिगर करता है. इसीलिए इसके सेवन से बचें. अपनी नींद 7 से 8 घंटे की जरुर लें. सोने से कम से कम 2 घंटे पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें. ज्यादा ओवरथिंकिंग से बचें। इसके सात ही योग या मेडिटेशन कर सकते हैं. वहीं, एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे हैं तो वॉक कर सकते हैं. अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करके माइग्रेन की समस्या का परमानेंट इलाज किया जा सकता है.
माइग्रेन के लक्षण
माइग्रेन शुरु होने पर आधे सिर में तज दर्द की समस्या रहने लगती है. इस दौरान आंखों के सामने धुंधलापन आने लगता है. वहीं, कई बार अजीब तरह की लाइट की की लाइन्स दिखती हैं. हाथ या पैरों में झुनझुनी महसूस होना या फिर चक्कर आना और बोलने में दिक्कत होने लगती है. काफी लोगों को उल्टी आने की भी समस्या आ सकती है. इस दौरान अगर चिड़चिड़ापन और थकान महसूस हो रही है तो ये खतरे की घंटी है. इस स्थिति में पीड़ित को किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
