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Pakistan Jail HIV AIDS Cases: पाकिस्तान फिर हुआ शर्मसार! साउथ एशिया में सबसे अधिक पाकिस्तान की जेलों में मिल रहे है एड्स से ग्रसित कैदी; वजह जान पकड़ लेंगे माथा

Pakistan Jail HIV AIDS Cases: पाकिस्तान के कई ऐसी जेल है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा एचआईवी पॉजिटिव कैदी है। इस खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

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By: Anurag Tripathi

Published: सितम्बर 10, 2025 4:48 अपराह्न | Updated: सितम्बर 10, 2025 7:17 अपराह्न

Pakistan Jail HIV AIDS Cases
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Pakistan Jail HIV AIDS Cases: वैसे तो पड़ोसी देश पाकिस्तान अपने अजीबोगरीब हरकत की वजह से सुर्खियों में बना रहता है। वहीं अब पाकिस्तान के जेलों से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसने सबको चौंका दिया है। दरअसल पाकिस्तान के कई ऐसी जेल है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा एचआईवी पॉजिटिव कैदी है। जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ सालों में ऐसे कैदियों की संख्या बढ़ी है, जो एड्स से संक्रमित है। डेटा के मुताबिक एचआईवी से संक्रमित सबसे अधिक 148 कैदी रावलपिंडी की अडियाला जेल में हैं। गौरतलब है कि Pakistan Jail HIV AIDS Cases में लगातार बढ़ोतरी ने पूरे पाकिस्तान के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

जेलों में तेजी से बढ़ रहे है एड्स से ग्रसित कैदी – Pakistan Jail HIV AIDS Cases

बता दें कि पाकिस्तान के जेलों में एचआईवी संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है।जहाँ सामान्य आबादी में HIV की दर लगभग 0.1% है, वहीं जेलों में यह दर 1-4% तक है—कुछ कैदखानों में यह 6.8% तक पहुँचती है। अगर प्रमुख जेलों की बात करें तो इसमे अडियाला जेल, लाहौर की जेलें और बलूचिस्तान व सिंध की केंद्रीय जेल शामिल है, जिसमे सबसे अधिक मामले सामने आ रहे है।

अगर कारण की बात करें तो यह संक्रमण नशीली दवाओं के इंजेक्शन और यौन संचारण के माध्यम से प्रमुख आबादी से आम आबादी में फैलने के कगार पर है। कैदी एचआईवी जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति संवेदनशील होते हैं। यह अध्ययन पाकिस्तान के बलूचिस्तान की चार जेलों में एचआईवी के प्रसार और उससे जुड़े जोखिम कारकों का पता लगाने के लिए किया गया था।

इस वजह से पाकिस्तान की जेल में एचआईवी एड्स के बढ़ रहे है मामले

पाकिस्तानी जेलों में एचआईवी के प्रसार में योगदान देने वाले मुख्य कारक हैं सुई साझा करने के साथ इंजेक्शन द्वारा नशीली दवाओं के उपयोग की उच्च दर, असुरक्षित और उच्च जोखिम वाले यौन व्यवहार (विवाहेतर और समलैंगिक संबंध दोनों सहित), जेलों में भीड़भाड़, स्वास्थ्य देखभाल और निवारक सेवाओं तक खराब पहुंच, जागरूकता और जांच की कमी, और कंडोम और सुई विनिमय कार्यक्रम जैसे सीमित हानि न्यूनीकरण उपाय शामिल है। जेल की परिस्थितियों के कारण एचआईवी संक्रमण की दर में बहुत अधिक वृद्धि हो जाती है, क्योंकि इसमें अत्यधिक भीड़भाड़, हिंसा, निवारक और चिकित्सीय सेवाओं तक पहुंच का अभाव, तथा नशीली दवाओं के इंजेक्शन और असुरक्षित यौन संबंध जैसे जोखिमपूर्ण व्यवहार शामिल है।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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