Silent Heart Attack and Diabetes: क्या है दोनों के बीच कनेक्शन? जानें इन जोखिमों से किस तरह निपटें

Silent Heart Attack and Diabetes: आजकल साइलेंट हार्ट अटैक से कोई भी कभी भी अपनी जान गंवा रहा है। साइलेंट हार्ट अटैक ने मानों दुनियाभर में अफरातफरी मजा दी है। कभी कोई जिम में तो कभी स्टेज पर ही साइलेंट हार्ट अटैक का शिकार हो रहा है लेकिन क्या आपको पता है कि डायबिटीज के मरीजों को है इससे ज्यादा खतरा। आपको हैरानी होगी लेकिन यह सच है कि डायबिटीज पेशेंट में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा दोगुना ज्यादा है। इस बारे में डॉक्टर भी बता चुकी हैं। आखिर क्या है इसके पीछे का लॉजिक और कैसे आप पा सकते हैं इस मुसीबत से छुटकारा लाइफस्टाइल को ठीक कर।

साइलेंट हार्ट अटैक की वजह

अगर इस बारे में और अधिक समझे तो डायबिटीज की वजह से है ब्लड ग्लूकोज आपके हार्ट और ब्लड वेसल्स को कंट्रोल करने वाली नसों को नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से वह क्षतिग्रस्त होता है और यह एक हार्ट डिजीज का कारण बनता है। यही वजह है कि साइलेंट हार्ट अटैक होने की संभावना ज्यादा होती है।

दोगुना सतर्क रहने की जरूरत

अगर दोनों के बीच कनेक्शन की बात करें तो माना जाता है कि नॉर्मल इंसान से ज्यादा टाइप टू डायबिटीज वाले लोगों को साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि डॉक्टर के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों को 2 गुना सचेत होने की जरूरत है क्योंकि डायबिटीज होने पर शरीर शुगर को ठीक तरीके से ऑब्जर्व नहीं कर पाती है जिसकी वजह से अधिक मात्रा में यह रेड ब्लड वेसल्स में चिपक जाती है। इसकी वजह से ब्लॉक हो जाता है और इस ब्लॉक से हार्ट में ब्लड की फ्लाइंग कम होकर अवरुद्ध होती है और हार्ट को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।

डायबिटीज पेशेंट कुछ इस तरह रखें अपना ख्याल

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